2 मासूम बहनों से RAPE के बाद गला दबाकर हत्या के दोषी को सजा-ए-मौत

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उत्तराखंड: ऋषिकेश श्यामपुर पुलिस चौकी से कुछ ही दुरी पर बीते 15 जून 2017 को 2 नाबालिग बहनों की RAPE के बाद हत्या कर दी गई थी। विशेष न्यायाधीश पोक्सो रमा पांडे की अदालत ने 10 महीने में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुये गुरुद्वारे के एक सेवादार परवान सिंह को फांसी और एक से दुष्कर्म के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा दी है।

श्यामपुर पुलिस चौकी से कुछ ही दुरी पर 15 जून 2017 को गुरुद्वारे के एक सेवादार परवान सिंह ने नेपाली मूल की दो मासूम बहने जिनकी उम्र 13 और 3 साल थी गला दबाकर हत्या कर दी थी। गुरुद्वारा भवन के पिछले हिस्से में एक कमरे में नेपाली मूल की महिला अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ रहती थी घटना वाले दिन दोनों बहनें घर पर थीं और उनकी मां काम पर गई थी जिसके बाद परवान सिंह ने वारदात को अंजाम दिया। 3 साल की लड़की से सेवादार से बलात्कार भी किया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई थी। नेपाली मूल की महिला का पति पहले ही दुष्कर्म के आरोप में सुद्धोवाला जेल में है।

घटना के बाद 13 वर्षीय मृत बालिका के हाथ में आरोपी परवान सिंह के दाढ़ी के बाल बरामद हुए थे। जिसके बाद जाँच में बाल के सैंपल आरोपी के बाल से मैच हो गए। पुलिस ने जाँच जारी रखी और आरोपी को सजा मिल सकी। विशेष न्यायाधीश पोक्सो रमा पांडे की कोर्ट ने इस मामले में दोषी को 30 हजार रुपये जुर्माना पीड़ित परिवार को देने फैसला सुनाया तथा निर्भया फंड से पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपए देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने बीते 20 अगस्त को आरोपी को दोषी करार दिया। जिस पर गुरुवार को फैसला सुनाया गया। पोक्सो कोर्ट द्वारा फांसी की सजा का यह पहला मामला है।

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