जालंधर सिविल अस्पताल में 26 कोरोना मरीजों का भूख हड़ताल, अस्पताल पर लगाया ये आरोप

पंजाब के जालंधर सिविल अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को सिविल अस्पताल में भर्ती 26 कोरोना मरीजों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हड़ताल का ऐलान कर दिया। शाम तक किसी ने भी खाना नहीं खाया, आक्रोशित कोरोना मरीजों ने आरोप लगाया कि 2 बजे तक भी किसी भी मरीज का टेस्ट नहीं किया गया। उनका कहना है कि वह बिल्कुल ठीक हैं और उन्हें घर जाने दिया जाए।

कोरोना मरीजों का सिविल अस्पताल में नेतृत्व कर रहे भर्ती गोपाल खोसला ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अगर 10 दिन के भीतर किसी भी मरीज में कोरोनावायरस के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर देना है।

लेकिन सिविल अस्पताल में केंद्र सरकार के किसी भी गाइडलाइंस का पालन नहीं हो रहा है। गोपाल का कहना है कि अमृतसर में भी 12 दिन में दो टेस्ट किए गए और जब लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखे तो 20 से 25 मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। उनका कहना है क्या जालंधर सिविल अस्पताल के लिए सरकार अलग से कानून बनाएगी।

हालांकि पंजाब स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ ये पहला मामला नहीं है इससे दो दिन पहले सोमवार को तरनतारन में भी सिविल अस्पताल में 100 से लगभग मरीज आइसोलेशन वार्ड के बाहर आकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे थे।

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