CAA विरोध प्रदर्शन में लखनऊ को आग के हवाले करने वालो से वसूले जाएंगे 63 लाख, नहीं दिया तो होगी कुर्की

उत्तर प्रदेश: 19 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लखनऊ में हुई हिंसा में आगजनी व तोड़फोड़ को लेकर प्रशासन शिकंजा कसने के लिए तैयार हो गया है। प्रशासन ने हिंसा करने वाले 10 लोगों को चिन्हित करते हुए 63 लाख 73 हजार 900 रुपये का जुर्माना लगाया है प्रशासन ने यह भी नोटिस में कहा है कि उन्हें पैसा जमा करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाता है।

अगर 30 दिन के अंदर पैसा जमा नहीं होता है तो उपद्रवियों की संपत्ति कुर्क करके पैसे की वसूली की जाएगी। बता दें कि 19 दिसंबर को विभिन्न संगठनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आगजनी व तोड़फोड़ हुई थी। जिसमें करीब 5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।

उपद्रवियों ने हिंसा में हजरतगंज, कैसरबाग, ठाकुरगंज और हसनगंज थाना क्षेत्रों में जमकर तोड़फोड़ करते हुए लगभग 35 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। यहां तक कि उपद्रवियों ने हसनगंज थाना क्षेत्र के मदेयगंज और ठाकुरगंज की सतखंडा चौकी को भी आग लगा दी थी।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, “अपर जिला मजिस्ट्रेट, नगर(पश्चिम) लखनऊ के अनुसार, 19 दिसंबर 2019 को विधि विरुद्ध जमावड़ा प्रदर्शन में सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के चलते 10 लोगों पर 63,73,900 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, उन्हें ये धनराशि 30 दिन के भीतर जमा करानी होगी।”

प्रशासन द्वारा हिंसा में नुकसान करने वाले 29 लोगों की पहचान की थी और उन्हें रिकवरी नोटिस जारी किया था। लेकिन जांच के बाद 13 लोगों पर आरोप सिद्ध नहीं हो पाए थे। इससे पहले हसनगंज में 21 लाख और परिवर्तन चौक पर हुए नुकसान के लिए लगभग 70 लाख रुपये की रिकवरी नोटिस पहले ही जारी की जा चुकी है।

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