लॉकडाउन के कारण बेरोज़गार हुए 800 मजदूरों को मिल रहा है मस्जिद से भोजन, भूख का धर्म नहीं होता

देश में चलते कोरोना संकट के कारण लाखों मजदूर भूक से परेशान है, क्युकी लॉकडाउन के चलते वह बेरोज़गार हो गए हैं। लेकिन कई लोग ऐसे लोगो की मदद के लिए आगे आ रहे है। लेकिन फिर भी कही न कही कोई कमी तो बाकि है।

देश में कोरोना के मामले 12 हज़ार से अधिक हो गए हैं, वही 400 से अधिक लोगो की मोत हो गई है, कई लोग ठीक भी हुए है।

वही मुंबई केसाकीनाका इलाके की एक मस्जिद करीब 800 मजदूरों को रोज भोजन करा रही है, जो लॉकडाउन के कारण अपनी नौकरी खो चुके हैं। यह खैरानी रोड पर स्थित जामा मस्जिद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहले हदीस के मौलाना आतिफ साबबाली ने कहा कि “कोविड​​-19 की तरह भी भूख भी धर्म-जाति से परे किसी को भी प्रभावित कर सकती है. हमारा मकसद है कि कोई भूखा ना सोए.” उन्होंने कहा कि भोजन को सफाई से पकाया जाता है और सेवा करते समय सामाजिक दूरी का पालन किया जाता है.

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