भीख मांगकर 72 साल की महिला ने क्विंटल राशन दिया दान, कहा मै जरूरतमंदों के दर्द को महसूस कर सकती हूं

कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन लागू है जिसकी वजह से प्रवासी मजदूर लगातार पलायन कर रहे हैं लोग बिना खाना खाए ही अपने घरों के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं लेकिन इसी बीच रास्ते में प्रवासी मजदूरों को खाने-पानी और पैसों से मदद की जा रही है। इसी क्रम में रायपुर के बिलासपुर कि 72 साल की महिला सुखमती मानिकपुरी ने इंसानियत की मिशाल पेश की है।

महिला ने भीख मांग कर एक क्विंटल चावल, एक दर्जन साड़ी और थोड़े से पैसे इकट्ठा किया था, जो उन्होंने जरूरतमंदों को दान कर दिया है। महिला सुखमती मानिकपुरी की इस दरियादिली की तारीफ सोशल मीडिया पर जम की जा रही है।

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर के अनुसार, “मैं लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों के दर्द को महसूस कर सकती हूं। मैं खुद भीख मांगकर ज़िन्दगी गुजार रही हूं। हमें इस मुश्किल समय में एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।”

72 साल की महिला सुखमती का कहना है कि, “मैं भूख के दर्द को समझती हूं। इसीलिए मैंने जरूरतमंद और असहाय लोगों की हर संभव मदद के लिए अधिक से अधिक भीख मांगना शुरू कर दिया। किसी को भी भूखा नहीं सोना चाहिए।”

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