पुलिस की पिटाई से जामिया के एक छात्र ने गवाई आंखे कहा, मैं तो लाइब्रेरी में पढ़ रहा था, मुझे क्यों मारा

मोदी सरकार दवारा आए नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन में जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के कई स्टूडेंट का काफी नुकसान हुआ है। जिसका ज़िम्मेदार पुलिस को बताया जा रहा है। पुलिस दवारा हुए लाठी चार्ज में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक छात्र घायल हुए और एक छत्र की आंखों की रोशनी चली गई। जामिया से लॉ की पढ़ाई कर रहे मोहम्मद मिनहाजुद्दीन ने बताया, रविवार को पुलिस की पिटाई के बाद उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई है। मिनहाजुद्दीन ने बताया कि जब वह लाइब्रेरी में पढ़ रहे थे तब 20-30 पुलिसवालों ने अंदर आकर छात्रों की डंडों से पिटाई की। “मेरा क्या कसूर” : घायल हालत में जैसे तैसे मैं एम्स पहुंचे। वहां इलाज शुरू हुआ, फिर डॉक्टरों ने बताया कि उसकी बांईं आंख में गंभीर चोट आई है और उसकी आंखों की रोशनी चली गई है। मिनहाजुद्दीन अब न्याय की मांग कर रहे है। उनका सवाल है उनका क्या कसूर था जो उन्हें यह सजा मिली है। आंखों की रोशनी की वजह से उनकी पूरी जिंदगी अंधेरी हो गई है।

आपको बता दे कि,15 दिसंबर को जामिया के छात्र नागरिकता कानून बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। तभी अचानक उपद्रव शुरू हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठी डंडो से छात्रों को मरना पीटना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जामिया की लाइब्रेरी और हॉस्टल में घुसकर बच्चों को मारा। बच्चो को गेट से बाहर खींचकर लाठियां बरसाईं। इस दौरान 4 बसों में आग भी जिसका इलज़ाम जामिया छत्रो पर लगाया। इस पूरी घटना में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

जामिया के बाद NRC बिल का विरोध सीलमपुर में भी हुआ यह हिंसक प्रदर्शन यहां भी हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी नागरिकता कानून का विरोध कर रहे थे। लेकिन यहां भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ लिया। एक वीडियो में नज़र आ रहा है कि पुलिसवाले का डंडा छीनकर उसे ही मारा जा रहा है। बाद में वहां बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स आई। पुलिस ने 66 फीट रोड पर ट्रैफिक रोक दिया। जाफराबाद, बाबरपुर, सीलमपुर और गोकुलपुरी में मेट्रो स्टेशन के गेट बंद करने पड़े।

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