गरीबी के चलते दिल्ली गया था आफताब, लेकिन दंगाईयों ने बेरहमी से दे दी मौत

24 फरवरी को दिल्ली में भड़की हिंसा में शिव विहार में हनुमान मंदिर के पास रहकर कूलर की जाली बनाने का काम करने वाला आफताब भी दंगे का शिकार हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बिजनौर जिले के नूरपुर के मोहल्ला शहीदनगर का रहने वाला था।

हिंसा के बाद से आफताब लापता हो गया था। परिवार वाले उसे दिल्ली के अस्पतालों में खोज रहे थे। आफताब का शव सोमवार को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मोर्चरी में मिला। आफ़ताब का शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया था। मंगलवार शाम को आफ़ताब को दफ़न कर दिया गया।

आफताब अभी 11 वीं का छात्र था जो मोहल्ले के न्यू हैवन इंटर कॉलेज में पढ़ाई करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने की वजह से पढ़ाई के साथ-साथ वह भी दिल्ली काम करने के लिए चला आया था। इस हिंसा में आफताब की मौत हो गई। अभी तक दिल्ली हिंसा में 48 लोगों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली पुलिस के बयान के अनुसार अभी तक दिल्ली हिंसा को लेकर 254 एफआईआर दर्ज हुए हैं जबकि इनमें 41 मामले आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हैं। दिल्ली हिंसा में कुल 903 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के लोगों से दिल्ली पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर आने वाली अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील कर रही है।

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