अब्बू के कत्ल के बाद इंसाफ के लिए गरीब मुकीम ऐसे बना सिविल जज

उत्तर प्रदेश: यूपी के जिले बिजनौर का एक गांव जटनगला के रहने वाले है मुकीम, जब 11 वीं कक्षा में पढ़ रहे थे तभी पिता का कत्ल हो गया था। मुकीम जिस घर में रहते थे उस घर में ना ही बिजली का कनेक्शन था और न खाने के लिए दो वक्त की रोटी, बाप को इंसाफ दिलाने की तड़प थी बस आँखों में,

पिता के कत्ल के बाद इंसाफ की लड़ाई लड़ने पैसो की जरुरत थी जो उनके पास न था घर किसी तरह चले इसके लिए बड़े भाई ने अपने कंधों पर जिम्मेदारी ले ली और छोटे भाई पढने के लिए मेहनत करने लगा।

मुकीम की शुरूआती पढ़ाई गांव के ही स्कूल से हुई उसके बाद हाई स्कूल नगीना के सरकारी स्कूल से किया। मुकीम पढ़ने में काफी तेज़ था किसी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की सलाह दी। पैसे न होने की वजह से दोस्तों ने मुकीम की मदद की, और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया और इंटर में अच्छे नंबरों से पास होकर मुकीम ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ला फैकल्टी में कानून की पढ़ाई करने के लिए बीए एलएलबी में दाखिला ले लिया।

इसके बाद मुकीम पीसीएस-जे की तैयारी करने लगे। मुकीम को पता था की इन्साफ के लिए यही वो जगह जहाँ से अपने पिता के कातिल को सजा दिला सकते है। फिर मुकीम ने पीसीएस-जे का एग्जाम निकालकर अपने गांव और शहर ही नहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का भी नाम ऊंचा कर दिया।

आपको बतादे की मुकीम की पहली पोस्टिंग एडिशनल सिविल जज बदायूं दिया गया है। इस समय मुकीम सिविल जज जूनियर डिविजन मुजफ्फरनगर जिले में कार्यरत हैं और बेहद ईमानदारी के साथ अपने फर्ज को निभा रहे हैं।

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