अमृतसर रेल हादसा: जांच में ड्राइवर को क्‍लीनचिट, लोगो की लापरवाही से गई जान

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अमृतसर रेल हादसा: 19 अक्टूबर को अमृतसर में हुये दर्दनाक ट्रेन हादसे की रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) की जाँच रिपोर्ट आ गई है। जिसमे ट्रेन की पटरियों पर खड़े होकर रावण देखने आए लोगों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वही इस जाँच में ट्रेन के ड्राइवर, गार्ड समेत अन्य रेल कर्मियों को क्लीन चिट दी गई है।

यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने अमृतसर ट्रेन हादसा के सूत्रों के हवाले से दी है। जानकारी के अनुसार सीसीआरएस ने यह भी कहा है की जिला प्रशासन और आयोजकों द्वारा लगाया जाने वाला मेला तथा रैली जैसे बड़े कार्यक्रम आयोजित करने से पहले रेल प्रशासन को इसकी सुचना देनी चाहिए। जिससे रेलवे आवश्यक सावधानी रख सके।

19 अक्टूबर को रावण दहन के दौरान लपटें तेज होने की वजह से लोग दशहरा स्थल से रेल पटरी पर जाकर नजारा देखने रहे थे। रावण दहन के दौरान फट रहे पटाखे की गूंज की वजह से पटरी पर जाकर खड़े लोगो को ट्रेन के हॉर्न की आवाज सुनाई नहीं पड़ी। देखते ही देखते ट्रेन बुरी तरह सबको कुचलते हुए निकल गई। एक चश्मदीद गवाह ने बताया की आग की लपटें तेज होने पर पुतला उनके ऊपर न गिर पड़े जिसकी वजह से लोग रेल पटरी पर जाकर खड़े होकर देखने लगे। उसी समय वहाँ ट्रेन आ गई।

आपको बतादे की इस रेल हादसे की जांच के बाद मजिस्ट्रेट ने 300 पेज की रिपोर्ट अलग से गृह सचिव एनएस कलसी को सौंप दी गई है। वही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मजिस्ट्रेट द्वारा सौपी गई रिपोर्ट की पड़ताल करने के लिए गृह सचिव कलसी को आदेश दिए हैं। आपको बतादे की इस हादसे में जालंधर डिवीजन के कमिश्नर बी पुरुषार्थ को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था जिन्होंने यह रिपोर्ट सौंपी।

कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने इस हादसे में रेल अधिकारियों से लेकर दशहरा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सीपीएस नवजोत कौर सिद्धू समेत कुल 150 लोगों के बयान दर्ज किए थे। वहीं कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने बयान लिखित में दिए थे। इसके अलावा अकाली दल ने इस घटना में मजिस्ट्रेट जांच को खारिज कर नवजोत कौर और आयोजकों पर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की थी।

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