नितीश सरकार में बेख़ौफ़ बिहार पुलिस: पुलिस कस्‍टडी में दो युवकों की पीटकर हत्या, शरीर में धंसे मिले नाखून

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बिहार: बिहार के सीतामढ़ी में बिहार पुलिस का क्रूर चेहरा सामने आया है। 7 मार्च गुरुवार को सीतामढ़ी इलाके में पुलिस की पिटाई से 2 लड़को की मौत की खबर सामने आई है। जिसके बाद 5 पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। परिजनों ने दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर चोटे तथा नाखूनों के निशान मिलने पर पुलिस पर आरोप लगाया की दोनों युवकों को बेरहमी से पीटा गया है। गंभीर चोटे तथा नाखूनों के निशान की तस्वीर और वीडियो पुलिस को शेयर किया गया है।

द इंडियन एक्सप्रेस के इंटरव्यू में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा, ‘‘हमने सीतामढ़ी के डुमरा थाने के प्रभारी अधिकारी चंद्र भूषण सिंह सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हमने सीतामढ़ी के एसपी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।’’

6 मार्च की सुबह गुफरान और तस्लीम अंसारी नाम के दो लड़को को गिरफ्तार करने पुलिस उनके घर पहुँची थी। दोनों को मुजफ्फरपुर के रामढीहा निवासी राकेश कुमार की मोटरसाईकिल चुराने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में गिरफ्तार करने आयी थी। गुफरान के पिता मुन्व्वर अली ने जानकारी देते हुए बताया की, ‘‘हम सभी सो रहे थे, तभी अचानक चकिया पुलिस स्टेशन से पांच पुलिसकर्मी आए और गुफरान को ले गए। उसके बाद उन्होंने तस्लीम को गिरफ्तार कर लिया। तस्लीम पर पहले से भी 4 आपराधित मामले दर्ज थे। वहीं, गुफरान का कोई भी पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।”

तस्लीम अंसारी के बड़े भाई सनावर अली ने जानकारी दी की, ‘‘तस्लीम की गिरफ्तारी के बाद जब वे चकिया पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें तस्लीम और गुफरान थाने में मौजूद नहीं मिले। कुछ घंटों बाद जब वे दोबारा चकिया पुलिस स्टेशन पहुंचे तो बताया गया कि गुफरान और तस्लीम को डुमरा थाने भेज दिया गया है।” सनावर ने आगे बताया कि, “जब उनकी गुफरान से फोन पर बात हुई तो वह ज्यादा मुश्किल से बात कर पा रहा था। गुफरान ने बताया था कि पुलिस ने उसे बेरहमी से पीटा था। थाने में मौजूद महिला कॉन्स्टेबलों ने सनावर को बताया कि गुफरान को सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि दोनों की मौत हो गयी है और उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। गुफरान के ससुर अयूब आलम ने बताया कि उन्हें युवकों का शव तक देखने की परमिशन नहीं दी गई।”

वही गुफरान के पिता के आगे बताया की, जब हम गुफरान के शव को दफना रहे थे तो कुछ रिश्तेदारों ने शरीर पर नाखूनों और चोटों के निशान देखे। पीड़ित परिवार वालो की कागजी कार्रवाई में सहायता कर रही सब्बिल रूनी ने बताया की हमने शवों के शरीर पर देखे गए नाखूनों और चोटों के निशान की तस्वीर के साथ वीडियो भी बना लीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जिससे मौत के कारणों की पुष्टि हो होगी।

अपने बेटे की मौत पर गुफरान के घर वालो ने पुलिस कस्टडी में हत्या को लेकर 50 लाख रुपये और मृतक की पत्नी को नौकरी देने की माँग की है। साथ ही तस्लीम अंसारी के पिता ने बताया की मेरे बेटे का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा। उसके बावजूद पुलिस ने उसे बड़ी बेरहमी से पीटा। पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सजा देना तो कोर्ट का काम है, फिर पुलिस उसे इतनी क्रूरता से कैसे मार सकती है?

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