image by patrika

मानवता की हदें पार, कोतवाल ने 7 माह की गर्भवती को रिक्शे से उतार पैदल भेजा अस्पताल, महिला की एक न सुनी और फिर..

लॉकडाउन के चलते जहां एक तरफ कोरोना वॉरियर्स के रूप में पुलिस तारीफें बंटोर रही है, वहीं दूसरी और मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सीतापुर से सामने आया है। यहां अस्पताल जा रही एक गर्भवती महिला को पुलिस वाले ने रिक्शे से उतार दिया। इतना ही नहीं महिला से अभद्रता करते हुए उसे पैदल ही अस्पताल जाने को मजबूर कर दिया।

पुलिस की ये शर्मनाक तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। जिस पुलिस पर लॉकडाउन के दौरान जनता की मदद करने का दारोमदार है, उसी पुलिस द्वारा उठाया गया ऐसा कदम सभी को चौका रहे है।

पत्रिका में छपी खबर के अनुसार ये मामला शहर के लालबाग चौराहे का है। यहां पर चिलचिलाती धूप में 7 माह की एक गर्भवती महिला को एक रिक्शा वाला जिला महिला अस्पताल ले जा रहा था। इसी दौरान शहर कोतवाल अम्बर सिंह अपने दल बल के साथ लालबाग चौराहे पर मौजूद थे। रिक्शे में महिला को जाते देख उनका पारा चढ़ गया और बीच चौराहे पर गर्भवती महिला को रिक्शे से उतार दिया। लाख कहने के बाद भी उन्होंने गर्भवती महिला की एक न सुनी और उसे पैदल ही अस्पताल भेज दिया।

कोतवाल अम्बर सिंह ने महिला की मदद करने वाले गरीब रिक्शा चालक को भी अपशब्द काहे। लालबाग पर हुए इस घटनाक्रम को जिस किसी ने भी देखा वह दांग रह गया। महिला ने कहा कि वह जिला अस्पताल में खुद को दिखाने आयी थी, जिसके बाद डॉक्टर की राय पर वह एक प्राइवेट चिकित्सक के पास अल्ट्रासाउंड करा कर वापस जिला अस्पताल जा रही थी। इसी दौरान कोतवाल ने उससे अभद्रता की।

Check Also

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए चारो जनपद में चल रहा चेकिंग अभियान, SSP गोरखपुर खुद सड़क पर उतरे

उत्तर प्रदेश: पुलिस कर्मियों का हत्यारा अभी भी फरार, दुर्दांत अपराधी विकास दुबे अभी भी …