बीजेपी, RSS वालों की जान खतरे में, सरकार के खिलाफ हिंसक हुआ ये संगठन

नागरीकता कानून को लेकर असम आंदोलन काफी तेज़ होता दिख रहा है। गुवाहाटी के लाचित नगर आंदोलन की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसमे एक युवक की पुलिस की गोली खाकर मौत हो गई। सुरक्षाकर्मियों दवारा मरे गए युवक का नाम नाम दीपांजल दास है। बताया जा रहा है कि अनिश्चितकालीन कर्फ्यू के दौरान भी लोग उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस दवार रोकने पर ही नहीं रुके जिसके चलते ये बड़ी हिंसा हो गई। साथ ही चबुवा के विधायक विनोद हजारिका के घर में आग भी लगा दी गई। लोग दवार भाजपा और आरएसएस के कार्यालयों पर हमला किया जा रहा है। अखिल असम छात्र संघ (आसू) के हजार लोग लताशील खेल मैदान में मौजूद है। साथ ही शुक्रवार को आसू ने दस घंटे का अनशन करने की घोषणा की है। हिंसा के चलते सरकार ने राज्य के दस जिलों से इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। गुवाहाटी के स्कूलों को 22 दिसंबर तक बंद कर दिया गया है।

नागरिकता कानून का विरोध कर रहे गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत की गाड़ी पर भी पत्थर किया। पुलिस की गाड़ी को भी बामुनी मैदाम इलाके में फूंका गया। राज्ये और कानून व्यवस्था की बिगडती स्थिति को देखर सरकार ने पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल किया है। गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार का तबादला कर उनके स्थान पर मुन्ना प्रसाद गुप्ता को नियुक्त कर दिया गया। साथ ही तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था संभालने का जिम्मा सौंपा दिया है। इसके बाद भी स्थिति काफी खरब नज़र आ रही है। राज्ये के सीएम सर्वानंद सोनोवाल ने लोगों से शांति बनाए रखने को कहा। साथ ही संयुक्त कमान की एक बैठक आयोजित हुई है। इस बैठक में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सेना को पूरी तरह उतारने का फैसला दिया गया है।

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