कोरोना संकट: पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं शामिल हुए योगी आदित्यनाथ, मां को लिखा दर्द भरा खत

सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का निधन हो गया हैं। और उन्हें अंतिम बार अपने पिता के दर्शन भी नसीब नहीं हुए। क्युकी उन्होंने फैसला लिया है कि वह लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के लिए योगी ने अपने घरवालों से भी अपील की है कि, कम से कम लोग ही अंतिम संस्कार में शामिल हों। योगी आदित्यनाथ ने इस दुख की घड़ी में अपनी मां को एक भावुक पत्र लिखा है।

योगी के पिता आनंद सिंह विष्ट ने सोमवार को दिल्ली एम्स में अंतिम सांसें लीं। योगी को जब पिता के मौत की खबर मिली तो वह कोरोना महामारी से निपटने के लिए मीटिंग कर रहे थे। उन्होंने मीटिंग जारी रखी। अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी कि सीएम अब अपने पिता के दाह संस्कार में शामिल होंगे। उनके जाने के इंतजाम होने लगे लेकिन सीएम ने दिल्ली या उत्तराखंड न जाने का फैसला लिया है।

इस संबंध में योगी ने एक नोट जारी किया है। जिसमे उन्होंने लिखा है कि, उन्हें अपने पिता की मृत्यु का दुख है। वह उन्हें अंतिम बार देखना भी चाहते थे लेकिन वैश्विक महामारी के चलते वह ऐसा नहीं कर सके। उन्होंने ने एक बहुत ही भावुक पत्र लिखा है और जिसमें उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के ऊपर अपने कर्तव्य को रखने की बात कही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र में लिखा है, ‘अपने पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुख एवं शोक है। वह मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं। जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम और निस्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, परंतु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ की जनता के हित में आगे बढ़ाने का कर्तव्यबोध के कारण मैं न कर सका। कल 21 अप्रैल को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में लॉकडाउन की सफलता तथा महामारी कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं। पूजनीय मां, पूर्वाश्रम से जुड़े सभी सदस्यों से भी अपील है कि वे लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें। पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ आऊंगा।’

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