कोरोना वायरस, पत्नी की शव यात्रा में जाने के लिए जमा हुए लोग, लेकिन पति ने कहा वापस चले जाओ वरना और लोगों को हो सकती है परेशानी

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। लेकिन उत्तर प्रदेश के आगरा से इस बीच ऐसा मामला सामने आया है जहां एक पति ने पत्नी की शव यात्रा में शामिल होने के लिए आए लोगों को वापस भेज दिया। कारण था कि वह व्यक्ति भीड़ इकट्ठा कर प्रशासन द्वारा बनाए गए नियम को तोड़ना नहीं चाहता था। जिसके बाद परिवार के लगभग 5-7 लोगों के साथ जाकर शव का अंतिम संस्कार किया गया।

ये मामला आगरा के न्यू विजय नगर कॉलोनी के नगला धनी का है। यहां के निवासी देवकी नंदन त्यागी की पत्नी ममता का बुधवार को अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। जिसके बाद शव को अस्पताल से घर लाया गया। जहां शुभचिंतकों और नाते-रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। वहीं, लॉकडाउन और भीड़ न जुटने के सरकार के आदेशों के चलते असमंजस की स्थिति हो गई। बड़ी संख्या में जुटे लोग भावावेश में कोई फैसला नहीं ले पा रहे थे। वहीं दूसरी ओर परिवार के लोग बिलख रहे थे। क्या किया जाए क्या नहीं इसे लेकर चर्चा होने लगी। इसके बाद मृतका के पति देवकी नंदन ने समाज के हित में बड़ा फैसला किया।

मृतका के पति देवकी नंदन ने मौके पर जुटती भीड़ से कहा कि, ममता को तो अब वापस नहीं लाया जा सकता है। लेकिन अगर थोड़ी भी असावधानी बरती गई तो समाज के अन्य लोग परेशानी में आ सकते हैं। देवकी नंदन ने तत्काल मौके पर आए लोगों से निवेदन किया कि वे सबकी भावनाओं को समझते हैं पर इस समय अच्छा यही होगा कि लोगों की जिंदगी मुसीबत में न डाली जाए। उन्होंने लोगों से कहा कि वे सभी लोगों की संवेदनाओं को समझते हैं पर समाज हित में सिर्फ दस लोग ही अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए ताजगंज स्थित श्मशान घाट चलें। इसके बाद उन्होंने सभी से घर जाने की अपील की।

Check Also

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए चारो जनपद में चल रहा चेकिंग अभियान, SSP गोरखपुर खुद सड़क पर उतरे

उत्तर प्रदेश: पुलिस कर्मियों का हत्यारा अभी भी फरार, दुर्दांत अपराधी विकास दुबे अभी भी …