Delhi govt warns clubs and hotels of strict action for using liquor bottles without 2D bar-code

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दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने राजधानी के सभी क्लबों, होटलों और रेस्तराओं को बिना 2 डी बार-कोड (2D Bar-Code) वाली बोतलों से ग्राहकों को शराब परोसते पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

आबकारी विभाग द्वारा यह कदम एक निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के बाद उठाया गया है, जहां कुछ बार में परोसी जा रही शराब और बीयर की बोतलों पर 2 डी बार-कोड नहीं थे और जिन पर लगे थे वो पढ़ने योग्य नहीं थे।

उपायुक्त राजीत सिंह ने एक आदेश में कहा कि इस कार्रवाई को बहुत गंभीरता से देखा जाना चाहिए। बोतल पर 2 डी बार-कोड न होने को बिना शुल्क भुगतान शराब के रूप में माना जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि बार कोड से यह पता चलता है कि इस शराब पर एक्साइज ड्यूटी का भुगतान किया गया है और यह भी दर्शाता है कि लोगों को परोसी और बेची जा रही शराब नकली नहीं है।

राजधानी में 1,000 से अधिक होटल, क्लब और रेस्ट्रो-बार हैं, जिनके पास अपने ग्राहकों को शराब परोसने के लिए लाइसेंस है। उपायुक्त ने इन सभी प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया है कि वे 2 डी बार-कोड को सेलो टेप से चिपकाएं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बार स्टाफ द्वारा बोतल से शराब परोसते समय यह खराब न हो।

उन्होंने 23 फरवरी को जारी आदेश में कहा कि बोतल पर 2 डी बार-कोड न होने को लाइसेंस प्राप्त परिसर में बिना शुल्क भुगतान की गई शराब के रूप में माना जाएगा और दिल्ली आबकारी अधिनियम 2009 और दिल्ली आबकारी नियम, 2010 के अनुसार लाइसेंसधारक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पिछले साल COVID-19 के चलते लगे लॉकडाउन के दौरान आबकारी विभाग ने रेस्ट्रो-बार, होटल और क्लबों को अपने वित्तीय घाटे को कम करने के लिए 15 जुलाई तक एक्सपायर होने वाले अपने बीयर के स्टॉक को शराब की दुकानों पर बेचने बेचने की अनुमति दी थी। बीयर की शेल्फ लाइफ लगभग छह महीने है।



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