एक ही साल में प्रदूषण के चलते 1 लाख बच्चों की हुई मौत- रिपोर्ट

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नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण के चलते सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी में चल रहे 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल के वाहनों को चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा चुकी है। वहीं दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार और केजरीवाल सरकार एक-दूसर पर आरोप लगा रहे है।

प्रदूषण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2016 में भारत में केवल जहरीली हवा से पांच साल से कम उम्र के करीब एक लाख बच्चों की मौत हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है की सामान्य और मध्यम आय-वर्ग के देशों में 5 साल से कम आयु के 98 फीसद बच्चे 2016 में हवा में मौजूद सूक्षम कण (PM) से होने वाले वायु प्रदूषण के जद में आये।

इसके अलावा ग्रीनपीस द्वारा जारी एक रिपोर्ट में भारत के प्रदूषण लेवल की बहुत ही भयावह तस्वीर दिखाई गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है की नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन के दुनिया के तीन सबसे बड़े ‘हॉटस्पॉट’ भारत में हैं जिसमे दिल्ली-एनसीआर भी आता है।

वही इस प्रदूषण के लिए केजरीवाल ने भाजपा की केंद्र सरकार, हरियाणा और पंजाब की सरकारों को जिम्मेदार मानते हुये ट्वीट किया, “पूरा साल दिल्ली में प्रदूषण ठीक रहा। पर इस वक़्त हर साल दिल्ली को हरियाणा, केंद्र और पंजाब की भाजपा और कांग्रेस सरकारों की वजह से दम घोंटने वाले प्रदूषण को झेलना पड़ता है। हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद ये कुछ करने को तैयार नहीं। इन राज्यों के किसान भी अपनी सरकारों से परेशान हैं।”

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के नियमो को मानते हुये सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर के शुरुआती 10 दिनों के लिए दिल्ली में सभी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी है।

आपको बतादे कि दिल्ली में उद्योगों द्वारा पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) इस्तेमाल नहीं करने पर अधिकारियों ने 113 उद्योगों को बंद करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की देख-रेख में हुई एक बैठक में अधिकारियों ने बताया की दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ 1368 कारण बताओ नोटिस और 417 को बंद करने के आदेश जारी किए हैं।

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