मौत से बचने का हर दांव हुआ फेल, दोषी पवन की स्पेशल लीव पीटिशन सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप केस मामले में दिल्ली कोर्ट ने सभी चारों दोषियों के खिलाफ फाँसी की तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे निर्धारित की थी। इससे पहले 22 जनवरी की तारीख तय हुई थी। जिसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका लगायी गयी थी

लेकिन शुक्रवार को राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी थी। उसके तुरंत बाद सुप्रीम कोर्ट में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर कर दोषी पवन कुमार गुप्ता ने दावा किया था कि अपराध के समय वह एक नाबालिग था, और दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस तथ्य की अनदेखी की थी।

आज सुप्रीम कोर्ट में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई हुयी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पवन कुमार गुप्ता को दोषी ठहराते हुए दायर विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया। इससे साफ़ होता है की तय तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे निर्भया गैंगरेप केस सभी चारों दोषियों को फाँसी होगी।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, “सुप्रीम कोर्ट ने पवन कुमार गुप्ता को दोषी ठहराते हुए दायर विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया क्योंकि अदालत ने मामले में कोई नया आधार नहीं पाया। पवन ने दावा किया है कि अपराध के समय वह एक किशोर था, और दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस तथ्य की अनदेखी की थी।”

गौरतलब है की 16 दिसंबर 2012 को 6 आरोपियों ने मिलकर 23 साल की लड़की के साथ चलती बस में गैंगरेप किया था और उसे बुरी तरह पीटा भी था। इस घटना ने पुरे देश को हिलाकर रख दिया था। कुछ दिन बाद ही लड़की की मौत हो गयी थी। सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसमे से एक आरोपी नाबालिग था, इसलिए उसे किशोर अदालत के सामने पेश किया गया था। वही अन्य 5 आरोपियों में से आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

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