आर्थिक तंगी से गुजर रहा था परिवार, बेटियों ने मां की अर्थी को दिया कंधा, गुल्लक तोड़कर बेटियों ने किया अंतिम संस्कार

बिहार के छपरा सारण जिले के मांझी प्रखंड में दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार को फतेहपुर सरैया में बेटियों ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया तो गांव के लोगो का आंसू छलक आये।

आर्थिक तंगी से गुजर रहे परिवार के पास शव के अंतिम संस्कार तक के पैसे नहीं थे। इसके बाद बेटियों ने अपने गुल्लक तोड़कर उसमें जमा पैसे से अपनी मां का दाह संस्कार किया। यह मामला सारण जिले के मांझी प्रखंड के फतेहपुर सरैया का बताया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से राजबलम सिंह कुशवाहा गुजरात के सूरत में कुछ महीने पहले काम करने गए थे। लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से वह वहीं फंस गए, उनकी पत्नी 45 साल की राजमुन्नी देवी अपने बेटियों के साथ किसी तरह मजदूरी कर अपना गुजारा कर रही थी।

कुशवाह की 5 बेटियां हैं जिसमें से एक बड़ी बेटी पिंकी की किसी तरह शादी हो चुकी है। वहीं दूसरी बेटी पूजा अपनी मौसी के पास रहती है। तीन बेटियों के साथ कुशवाहा की पत्नी गांव पर रहकर मजदूरी कर अपना पेट पाल रही थी।

4 दिन पहले कुशवाहा की पत्नी को पेट, कमर और पैर में तेज दर्द हुआ। जिसके बाद बेटियों ने डॉक्टर को दिखाकर दवा ली तो बाद में थोड़ी राहत मिली। लेकिन सोमवार की रात खाना खाने के बाद कुशवाहा की पत्नी अचानक बेहोश हो गई जब तक बेटियां को कुछ समझ में आता उससे पहले ही राज मुन्नी देवी ने दम तोड़ दिया।

बेटियों ने मां की अर्थी को कंधा दिया तो गांव के लोगो के भी आंसू निकल पड़े। अग्नि संस्कार को लेकर गांव के लोग परेशान थे। इसके बाद छोटी बेटी ने मां को मुखाग्नि दी।

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