मोदी सरकार के खिलाफ किसानों का होगा दिल्ली घेराव, मुरादनगर पहुंची”#किसान_क्रांति_पदयात्रा”

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दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले निकली किसान क्रांति पदयात्रा कर्ज माफी की मांग को लेकर किसानों ने मोदी सरकार के खिलाफ मौर्चा खोल दिया है। किसानों की मोदी सरकार से कर्जमाफी, बिजली के दाम घटाने जैसी कई मांगों को लेकर मौर्चा खोल दिया है। किसान क्रांति पदयात्रा में शामिल हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की तरफ बढ़ रहे है।

भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले निकली “किसान क्रांति पदयात्रा” 2 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेगी। न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, किसानो द्वारा निकाली गयी “किसान क्रांति पदयात्रा” 2 अक्टूबर को दिल्ली पहुँच रही है। आपको बतादे की भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्याओं को लेकर हरिद्वार से दिल्ली तक यात्रा निकालने का ऐलान किया था। जो हरिद्वार से 23 सितंबर को चली थी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि किसान इस रैली के माध्यम से केंद्र सरकार से नौ मांगो को लेकर सवाल कर रहे हैं। इसमें किसानों की पूर्ण कर्जमाफी सबसे महत्वपूर्ण है।

राकेश टिकैत ने आगे बताया कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और मजबूरन किसान देशभर में आंदोलन करने को लाचार है। उन्होंने बताया की किसानों को अपनी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा जिसकी वजह से वह रोज कर्ज में दबा जा रहा है और आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने बताया कि पिछले 20 सालों में 3 लाख किसान अपनी जान दे चुके हैं। उन्होंने कहा की हमारी मांग है की जो किसान आत्महत्या कर चुके है उनके परिवारों का पुर्नवास किया जाए और उन्हें नौकरी दी जाए।

किसानों की माँगो पर एक नजर:
किसानों की फसल का सही दाम बाजार रेट के अनुसार मिले।
स्वामीनाथन की रिपोर्ट को जल्दी लागू की जाए।
चीनी मिलों से बकाया गन्ना राशि भुगतान तुरंत दिया जाए।
भुगतान में 14 दिन से अधिक समय होने पर किसान को ब्याज मिले।
किसानों को गन्ना रेट 450 रुपये कुतंल मिले।
किसानों को 60 साल बाद नौकरी करने वालों कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन मिले।
10 साल पुराने ट्रैक्टरों को खत्म करने का फैसला वापस लिया जाए।
बिजली की बढाई गई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा की किसानो के लिए न्यूनतम आय सुनिश्चित करे। 60 साल की उम्र वाले किसानो को 5,000 रुपए प्रति महीने पेंशन दी जाए, तथा आवारा घूम रहे जानवरो से खेतों की सुरक्षा के लिए भी कोई योजना बनाई जाए। इसके अलावा राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को खेत सिचाई के लिए मुफ्त बिजली तथा खेती में उपयोग होने वाली सभी वस्तुओं को GST से बाहर किया जाए।

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