कोरोना से शहीद हुए पापा तो, अब बेटी बनीं सब इंस्पेक्टर, गृहमंत्री ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

मध्य प्रदेश के उज्जैन के तत्कालीन थाना प्रभारी यशवंत पाल कोरोना से लड़ते हुए 21 अप्रैल की सुबह शहीद हो गए थे। वहीं अब उनकी बेटी फाल्गुनी सब इंस्पेक्टर के पद पर खाकी वर्दी पहनकर देश की सेवा करेगी। बतादे की शहीद यशवंत पाल में 6 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

बेटी के सब इंस्पेक्टर बनने पर मध्य प्रदेश के गृह एवं लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने वीडियो कॉल करके फाल्गुनी पाल को बधाई दी। मंत्री से बातचीत के दौरान फाल्गुनी भावुक हो गई थी।

मंत्री ने फाल्गुनी का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अब से सब इंस्पेक्टर के रूप में केवल अपने परिवार की मदद नहीं बल्कि इस प्रदेश की भी सेवा करनी है। थाना प्रभारी यशवंत पाल के शहीद हो जाने के बाद पत्नी मीना पाल, बेटी फाल्गुनी और ईशा घर पर तस्वीर के पास घंटों बैठी देखती रहती हैं।

पिता को खोने का गम रखने वाली बेटी फाल्गुनी पिता की शहादत के आठवें दिन पुलिस भर्ती के लिए फिटनेस टेस्ट देने के लिए उज्जैन पहुंची थी। शहीद यशवंत पाल की पत्नी तहसीलदार मीना पाल ने बताया कि उनके पति कभी अपने फर्ज से पीछे नहीं हटे। वह बीमार होने पर भी अपनी ड्यूटी निभाते थे। बेटी जरूर उनके फर्ज का दायित्व पूरा करेगी।

थाना प्रभारी यशवंत पाल के शहीद होने पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि इस दुख की घड़ी में पूरा राज्य उनके परिवार के साथ मौजूद है प्रशासन की तरफ से 50 लाख रुपए सुरक्षा कवच के रूप में, बेटी फाल्गुनी को पुलिस सब इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति और थाना प्रभारी यशवंत पाल को मरणोपरांत कर्मवीर पदक से सम्मानित किया जाएगा।

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