पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए चुना, अयोध्या राम मंदिर पर सुना चुके है फैसला

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर समेत कई अहम् मामलों पर फैसला सुना चुके सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए चुना गया है। केंद्र सरकार की तरफ से देर शाम जारी की गई नोटिफिकेशन में राष्ट्रपति ने पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, “राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित करते हैं।” 3 अक्टूबर 2018 को भारत के 46वें चीफ जस्टिस बने रंजन गोगोई 17 नवंबर 2019 को रिटायर हो गए थे। उनका कार्यकाल 13महीना चला। इस दौरान उन्होंने अयोध्या राम मंदिर समेत कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई की थी।

बता दे की पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई जनवरी 2018 में संवाददाता सम्मेलन में भी शामिल हुए थे। जिसमें तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाए गए थे। 12 जनवरी 2018 को अभूतपूर्व कदम उठाते हुए संवाददाता सम्मेलन में न्यायमूर्ति गोगोई और उच्च न्यायालय के तीन अन्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने आरोप लगाया था कि सुप्रीम कोर्ट में प्रशासन और मुकदमों का आवंटन नियमो के अनुसार नहीं हो रहा।

चीफ जस्टिस के पद पर रहे रंजन गोगोई का 13 महीनों का कार्यकाल विवादों से अछूता नहीं रहा। उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगे थे जिस परजस्‍टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एक आंतरिक जांच समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।

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