गोरखपुर : बिजली का बिल कम आने से परेशानी, जानिए क्‍या है मामला

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कोरोना संकट से जूझ रहे उपभोक्ताओं पर बिजली बिल भी आफत बन गया है। sms से आया बिजली बिल इतना कम है कि तमाम उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। वे अभियंताओं से सवाल कर रहे हैं कि उन्होंने बिजली ज्यादा खर्च की है पर बिल कम क्यों आ रहा है? उपभोक्ताओं की शिकायत है कि वे महीने में सवा सौ से ज्यादा यूनिट बिजली खर्च कर रहे हैं पर बिल आ रहा है सिर्फ 40 से 50 यूनिट का ही।

असल में उनकी परेशानी का सबब बिजली बिल का कम आना नहीं बल्कि यह है कि अगले महीने पूरी रीडिंग का बिल आया तो भुगतना उन्हें ही करना होगा। उनका बजट गड़बड़ हो जाएगा। यह सब हुआ है बिलिंग एजेंसी की कारस्तानी की वजह से क्योंकि बिलिंग एजेंसी ने रीडिंग ली ही नहीं। घर बैठे ही बिल तैयार कर दिया। बिजली बिल को लेकर परेशान कई उपभोक्ताओं ने अधिकारियों के सामने गुहार लगाई।
आइए जानते हैं कि

बिलिंग टार्गेट पूरा करने में उपभोक्ताओं की मुश्किल बढ़ी
ऊर्जा निगम के एमडी ने बीते दिनों वीडियो कान्फ्रेसिंग में बिलिंग एजेंसी को चेतावनी दी थी कि वे शत प्रतिशत उपभोक्ताओं को बिल मुहैया कराएं। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। इससे परेशान बिलिंग एजेंसी के कर्मचारियों ने घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेकर बिल बनाने की बजाए टेबल रीडिंग शुरू कर दी। शहर के अधिंकाश क्षेत्रों में मीटर रीडरों ने एसबीएम के 30 से 50 यूनिट दर्ज कर उपभोक्ताओं का बिल बना दिया है। एसबीएम में रीडिंग दर्ज होते ही उपभोक्ताओं के पास बिल बनने का एसएमएस मोबाइल पर चला गया। विभिन्न वितरण खण्डों के अभियंताओं का कहना है कि बिलिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली निगम के हित में नहीं है। मीटर रीडर अपना टार्गेट पूरा करने के लिए टेबल रीडिंग कर रहे है।

जगन्नाथपुर मोहल्ले के विवेक कुमार के अनुसार उन्हें इस माह एसएमएस से बिजली बिल चार दिन पहले मिला। आठ सौ रुपये का बिल देखकर माथा ठनक गया। जबकि हर महीने करीब 1500 से 1800 रुपये का बिजली बिल आता है। महीने में औसत बिजली खपत 140 से 150 यूनिट तक मीटर दर्ज करता है। इस माह बिलिंग एजेंसी के कर्मचारी भी रीडिंग लेने नहीं आए। ऐसे में हमने एक्सईएन कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई। लिपिक ने काउण्टर से बड़ा बिल निकलवाने की सलाह दी। काउण्टर से बिल निकलवाया तो 40 यूनिट का बिजली बिल बना पाया गया। लिपिक ने सलाह दी की आप अपने मीटर की वीडियों बनाकर लाए। अन्यथा इसका भुगतान करें।

शहर के मुफ्तीपुर मोहल्ले की मालती देवी को भी sms से 745 रुपये का बिल आया। उनके बेटे ने एक्सईएन से मिलकर इस बिल राशि पर आपत्ति दर्ज कराई। उसने बताया कि दो मंजिला मकान है। हर महीने करीब 250 से 300 यूनिट बिजली खपत होती है। 750 रुपये का बिल मिला है। अगले माह का बिल बढ़कर मिलेगा तो उसे जमा करने में दिक्कत होगी। एक्सईएन ने बिल सुधार कर जमा कराने का भरोसा दिया। रंजीत ने उन्हें मीटर रीडिंग की वीडियो दी। उसमें बिजली खपत वाकई में 277 यूनिट थी। जबिक ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम में जो बिल बना था। वह 42 यूनिट का था। एक्सईएन ने कहा कि बिलिंग एजेंसी के कर्मचारी इसी तरह घर बैठे टेबल रीडिंग कर रहे है।

बोले अफसर
नगरीय वितरण खण्ड चतुर्थ के एक्सईएन ने पत्र लिखकर बिलिंग एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा टेबल रीडिंग की शिकायत की है। बिलिंग एजेसी के कर्मचारी टेबल रीडिंग कर बिलिंग टार्गेट पूरा कर उपभोक्ताओं के साथ ही निगम की मुश्किल बढ़ा रहे है। जगन्नाथपुर व मुप्तीपुर के उपभोक्ता हमें लिखित शिकायत करें। बिलिंग एजेंसी के मीटर रीडरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उनकी कार्यप्रणाली से उपभोक्ताओं को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। निगम की छवि भी धूमिल हो रही है। ई. यूसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता, नगरीय वितरण मण्डल

(इमरान खान की रिपोर्ट)