(PC- ANI)

भावुक हुए कमलनाथ कहा, मेरा क्या कसूर था मेरी क्या गलती थी? मैने हमेशा…

कुछ दिनों से चल रहे सियासी संग्राम के बाद आख़िरकार कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कमलनाथ दवारा ये इस्तीफ़ा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार फ्लोर टेस्ट से पहले ही दे दिया। इस्तीफे की घोषणा कमलनाथ ने मुख्यमंत्री आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए की। इस दौरान कमलनाथ ने पहले अपने 15 महीने के कामकाज बताए और फिर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। कमलनाथ ने कहा कि इन 15 महीनों में राज्य का हर नागरिक गवाह है कि मैंने राज्य के लिए कितना काम किया। लेकिन बीजेपी को ये काम रास नहीं आए।

उन्होंने कहा कि, बीजेपी वाले मेरे खिलाफ पहले दिन से ही साजिश कर रहे थे। एक तथाकथित महाराज और 22 लोभी विधायकों के साथ मिलकर बीजेपी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की। मैं चाहता था कांग्रेस महल में नहीं,महल कांग्रेस में आये। पूरी प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात हुआ।

इस दौरान कमलनाथ भावुक भी हो गए। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि, मेरा क्या कसूर था मेरी क्या गलती थी। कमलनाथ ने कहा जब मैं केंद्र में था तब मैंने प्रदेश की बहुत मदद की। मुझे जनता ने 5 साल का मौका दिया था प्रदेश को नए रास्ते में लाने के लिए। मेरा क्या कसूर था मैंने हमेशा विकास में विश्वास रखा।

वही कमलनाथ के इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने भी बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक ट्वीट के जरिये कहा- यदि अपहरण और धनबल से इस तरह सरकारें बनने और गिरने लगेगी तो फिर प्रजातंत्र का अंत नज़दीक है। जनता ने लोकतंत्र पर भरोसा दिखाकर सरकार बनाई और बीजेपी के अहंकार व अनैतिकता ने धनबल से सरकार गिरा दी। याद रहे ! ये पीठ पर नहीं, भारत माता की छाती पर हमला है।

17 दिन पहले कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायकों की संख्या 206 हो गई है। अभी बीजेपी के 107 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के पास स्पीकर मिलाकर 92 विधायक हैं। मौजूदा आंकड़े के तहत बहुमत का आंकड़ा 104 है।

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