‘लॉकडाउन में निकले थे घर के लिए, क्या पता था रास्ते में ही निकल जाएगी दम, पत्नी का रो-रोकर बुला हाल’

नई दिल्ली: लॉक डाउन के बाद अपने घर के लिए निकले कैंसर पीड़ित की शनिवार सुबह 10 बजे सिकंदराराऊ में मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार युवक दो पहिया वाहन पर अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ अपने गांव वराहडा जा रहा था जो सिद्धार्थनगर जिले के थाना बासी क्षेत्र में पड़ता है।

पति के अचानक जीवन में साथ छोड़ जाने पर महिला का रो-रोकर बुरा हाल था तो वही बच्चे चुपचाप खड़े थे। मिली जानकारी के अनुसार सिद्धार्थनगर जिले के थाना बांसी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव वराहडा के रहने वाले विनोद तिवारी पुत्र राम मिलन तिवारी दिल्ली के नवीन विहार कॉलोनी में रह कर बिस्कुट, कुरकुरे के सेल्समैन के रूप में काम कर अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ किराए के मकान पर रहते थे।

विनोद पिछले 3 साल से मुंह के कैंसर से पीड़ित था। लॉक डाउन के बाद काम बंद होने के बाद उसने अपने घर जाने का फैसला किया था। शनिवार सुबह सिकंदराराऊ में नगरपालिका के समीप विनोद की मौत हो गई।

दूसरी गाड़ी पर सवार भाई ने शव ले जाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया मगर एंबुलेंस नहीं आई। सूचना पर पहुंचे कोतवाल प्रभारी प्रवेश राणा ने शव को निजी वाहन से सीएससी भिजवाया। इसके बाद शव को सिद्धार्थ नगर तक पहुचाने में प्रशासन ने भी मदद नहीं की।

समाजसेवी जयप्रकाश गुप्ता एडवोकेट और स्थानीय पत्रकारों की सहायता से 15 हजार रुपये में एंबुलेंस बुक कर शव को गांव तक भेजवाया। जैसे ही एंबुलेंस सीएचसी से शव लेकर रवाना हुई हो वैसे ही एसडीएम विजय शर्मा व सीओ डॉ राजीव कुमार आ धमके और एंबुलेंस में 6 लोगो को एक साथ जाने पर मना करने लगे।

इस पर विनोद की पत्नी ने गुहार लगाते हुए कहा कि हम सब एक साथ जाएंगे नहीं तो परिजन दुपहिया वाहन से जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देंगे। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उन्हें जाने की इजाजत दे दी।

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