जम्मू में हिंदू दोस्त अपनी मुस्लिम सहेली को देगी अपनी किडनी दान

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जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू कश्मीर के ऊधमपुर जिले के सब्जी मंडी इलाके में रहने वाली एक हिंदू लड़की अपनी मुस्लिम सहेली की जान बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान देने का फैसला किया है।

जम्मू के ऊधमपुर जिले के 23 वर्षीय मनजोत कोहली राजौरी जिले के जवाहर नगर की रहने वाली 22 वर्षीय समरीन अख्तर को अपनी एक किडनी दान देने का फैसला किया है। आपको बतादे की मनजोत पिछले कई सालो से समाज सेविका के रूप में काम कर रही है। मगर अब वह समाज सेविका क्षेत्र में ऐसा इतिहास रचने जा रही जो अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए समाज सेवी संगठन बनाते हैं।

मनजोत ने अनुसार, वह समाज सेवी संगठन गार्ड ऑफ जस्टिस एंड ह्यूमन राइट्स के साथ जुड़ी है। साल 2014-15 में वह एक कार्यक्रम को लेकर जम्मू के गांधी नगर कॉलेज में पहुँची थी। वहां ग्रेजुएशन कर रही समरीन अख्तर से मुलाकात हुई। मनजोत ने समरीन को अपने संगठन का जम्मू यूथ अध्यक्ष बनाया। इसके बाद वह दोनों अच्छी दोस्त में बदल गई। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चली गई और व्यस्तता के कारण दोनों में काफी लम्बे समय से कोई बातचीत नहीं हुयी थी।

मनजोत ने बताया कि दोनों की दोस्त राबिया ने 5-6 महीने पहले फेसबुक पर समरीना की फोटो के साथ किडनी की जरूरत का पोस्ट किया था। जिसमे लिखा था साइलेंट बीपी की वजह से समरीन का रीनल फेलियर होने की वजह से उसकी दोनों किडनियां खराब हो गईं और उन्हें किडनी डोनर की जरुरत है। जिसका पिछले 8-9 महीने से श्रीनगर के सौरा अस्पताल में इलाज चल रहा था। मनजोत ने कहा की, जब मुझे पता चला कि यह समरीन मेरी पुरानी दोस्त है तो मैंने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया।

मनजोत ने कहा की, समरीना का ब्लड ग्रुप उसके परिवार में उसकी माँ से मिलते है। तब किडनी देने के लिए मां ने ही कहा था। मगर उनकी किडनी में भी कुछ खराबी होने के कारण डॉक्टरों ने मना कर दिया। समरीना के पिता राजौरी में दर्जी का काम करते हैं।

मनजोत ने बताया की, मेरे इस फैसले पर परिवार को मनाना कठिन था। पिता गुरदीप सिंह उसे हमेशा इस तरह से फैसलों के लिए बढ़ावा देते थे। इसलिए समझाने पर मान गए। मेरे पिता की ऊधमपुर में कपड़ों की दुकान है। मनजोत ने कहा कि वह पिछले 4 महीने से वह अपनी दोस्त के पास ही है। एक दो दिन में पिता भी श्रीनगर आ जाते हैं। सारे टेस्ट पुरे हो चुके हैं, अब ऑपरेशन के लिए तारीख मिलने का ही इंतजार है।

समरीन के पिता मुख्तार अहमद ने कहा कि मनजोत उनके लिए खुदा का भेजा हुआ फरिश्ता है। इस दुनिया में लाखों-करोड़ों लोग रहते हैं। लेकिन खुदा ने मनजोत को चुना है। उन्होंने कहा की अब मेरे एक नहीं दो बेटी है।

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