‘हैदराबाद एनकाउंटर इंसाफ नहीं हत्या- रिहाई मंच’

रिहाई मंच ने कहा कि हैदराबाद में पुलिस द्वारा गुंडों की तरह बलात्कार आरोपियों का एनकाउंटर के नाम पर की गई हत्या को जायज नहीं ठहराया जा सकता। अगर इंसाफ इसी को कहते हैं तो पुलिस को बताना चाहिए कि कानून की कौन सी किताब उसे इस तरह के इंसाफ की इजाजत देती है।

इस पर खुशी जाहिर करना अपराधियों के बच निकलने के प्रति आक्रोशित जनता की भड़ास हो सकती है लेकिन पीड़िता के प्रति न्याय नहीं है। पुलिस अदालत का काम नहीं कर सकती। अगर इस तरह से फैसले करने लगी है तो हमें ये मान लेना चाहिए कि देश पुलिस स्टेट बन चुका है।

बतादे की हैदराबाद पुलिस गुरुवार देर रात उनकी नज़र से पूरे घटना को समझने के लिए घटनास्थल पर ले गयी थी। लेकिन इसी दौरान सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को उन पर गोली चलानी पड़ी। ऐसा पुलिस का मीडिया में बयान है।

गौरतलब है कि 27 नवंबर को हैदराबाद के साइबराबाद टोल प्लाजा के पास महिला डॉक्टर की अधजला शव मिला था। इन सभी आरोपियों ने महिला डॉक्टर की स्कूटी पंचर होने के बाद मदद के बहाने गैंगरेप कर हत्या कर शव को जला दिया था।

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