कोरोना में पिता के शव को नहीं मिली जगह तो, बेटी ने अपना दुपट्टा बिछाकर पिता के शव को लिटाया

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कन्नौज: मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के जिला अस्पताल से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक सड़क दुर्घटना में जान गवाने वाले किसान के शव के लिए जिला अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने पर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर शव को जमीन पर ही रखने की नौबत आई तो किसान की बेटी ने अपना दुपट्टा बिछा दिया।

पूरे घटना का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ने खुद संज्ञान में लेते हुए सीएमओ को जांच के आदेश दे दिए हैं। इस वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि पोस्टमार्टम हाउस के बाहर कितनी गंदगी फैली हुई है जिसे परिजन खुद साफ करते हुए नजर आए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार किसान महेश जो सदर कोतवाली क्षेत्र के जेवां-अटारा के रहने वाले हैं सोमवार को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घरवाले उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर किया था।

वही परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि पहले एंबुलेंस चालक ने कानपुर ले जाने से मना कर दिया। फिर शिकायत की बात कहने पर वह घायल महेश को कानपुर ना ले जाकर राजकीय मेडिकल लेकर पहुंच गया। जहां डॉक्टरों ने महेश को मृत घोषित कर दिया। एंबुलेंस चालक शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रोड पर ही छोड़कर चला गया।

जहां स्ट्रेचर ना मिलने से इस भीषण गर्मी और तेज धूप में किसान महेश के शव को जमीन पर ही लेटाने लगे तो बेटी ने जमीन पर अपना दुपट्टा बिछा दिया। जिसके बाद पिता के शव को उस पर लिटाया गया। बहुत देर तक अकेले पिता के शव से लिपटकर बेटी रोती रही। किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने उनका हाल नहीं जाना।

पूरे प्रकरण में जिला अधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ कृष्ण स्वरूप को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। उधर सीएमएस डॉ. यूसी चतुर्वेदी का कहना है कि जिला अस्पताल से किसान के शव को स्ट्रेचर पर पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया था। कर्मचारी शव को स्ट्रेचर पर रखकर पोस्टमार्टम हाउस की चाबी लेने गया था। लेकिन परिजन शव को स्ट्रेचर से उतार कर जमीन पर लिटा दिया था। सीएमएस का यह भी कहना है कि एंबुलेंस चालक की भूमिका की जांच कराई जाएगी।