निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी देते हुए अगर बेहोश हुआ जल्लाद, तो फिर होगा ऐसा

2012 को दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप और मर्डर के चार दोषियों को अब 22 जनवरी 2020 में फांसी होनी है। इन चारों आरोपियों को मेरठ के जल्लाद पवन दवारा फांसी दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों दवारा इस बात का भी खास ख्याल रखा जाएगी कि अगर जल्लाद फांसी देते समय घबरा गया या बेहोश हो गया तो क्या किया जायेगा? इस मामले को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन वैकल्पिक इंतजाम करने की तैयारी कर रहा है।

एनबीटी की रिपोर्ट अनुसार, निर्भया के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने के दौरान की शंकाओं को देखा जा रहा है। जल्लाद को भी दो दिन पहले बुलाया जायेगा। ताकि फांसी के दौरान कोई कमी न हो। जिसकी साडी तैयारी वह पहले से ही करले। इसी के तहत अगर ऐन मौके पर जल्लाद बेहोश हो जाता है तो फिर जेल स्टाफ ही इन चारों को फांसी पर लटकाएगा। जेल स्टाफ पहले भी कुछ मौकों पर दोषियों को फांसी दे चुका है।

निर्भया गैंगरेप और मर्डर दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए 18 जनवरी को जल्लाद पवन तिहाड़ जेल पहुंच जाएगा। जल्लाद के रहने और खाने का इंतजाम जेल परिसर में ही किया जाएगा। मेरठ के रहने वाले पवन जल्लाद का फांसी देने का यह पहला तजुर्बा बताया जा रहा है। इससे पहले पवन बस फांसी देने में अपने दादा की मदद किया करते है। पवन के दादा कालू भी जल्लाद थे। पवन की चार पीढ़ियां जल्लाद का काम करती आ रही हैं। पवन के दादा ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी पर लटकाया था।

Check Also

चीन से होगी आज अहम बातचीत, TikTok सहित 59 ऐप्‍स बैन लेकिन PAYTM, VIVO, OPPO बैन क्यों नहीं

प्रधानमंत्री आज देश को छठी बार संबोधित करने वाले हैं, जानिए कि चीन की 59 …