‘IPS अजयपाल शर्मा के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज, गबन, साक्ष्य छिपाना और आपराधिक षड्यंत्र में बनाये गए आरोपी’

गृह विभाग के निर्देश पर गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कप्तान रह चुके डॉ. अजयपाल शर्मा के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। खबर है की निलम्बित आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण की शिकायत के आधार पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की संस्तुति पर यह एफआईआर दर्ज की गई है।

बतादे पूर्व एसएसपी वैभव कृष्णा ने अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए पोस्टिंग और मुकदमों में जांच से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर शासन से शिकायत की थी। लेकिन डीजीपी ने कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का दोषी मानते हुए वैभव कृष्णा को निलंबित कर दिया था।

जिसके बाद वैभव कृष्णा का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद वैभव कृष्ण ने इस मामले में एक प्रेस कांफ्रेंस भी की थी। मामला नेशनल मीडिया में आने के बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दे दिए थे।

एसआईटी का गठन किया गया फरवरी में जांच पूरी करके एसआईटी ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बाद आईपीएस अजय पाल शर्मा के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर क्राइम नंबर 101/2020 दर्ज की गई है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 201, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

गौतम बुध नगर में एसएसपी रहते हुए आईपीएस अजय पाल शर्मा ने कुछ पत्रकारों के साथ मिलकर पोस्टिंग और मुकदमों में जांच से जुड़े गड़बड़िया की थी। जिसके बाद अजय पाल शर्मा का गौतम बुद्ध नगर से तबादला हो गया और उनकी जगह वैभव कृष्णा ने चार्जर संभाला था।

वैभव कृष्णा ने पत्रकारों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजा था तथा उनके मोबाइल से बरामद साक्ष्य के आधार पर वैभव कृष्ण ने डीजीपी और शासन से इसकी शिकायत की थी। जांच नहीं हुई शासन ने रिपोर्ट को दबा दिया था। लेकिन वायरल होने के बाद पूरी पूरा मामला मीडिया में आ गया।

वैभव कृष्ण ने अपनी जांच में उत्तर प्रदेश के 5 आईपीएस अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई एसआईटी ने 3 आईपीएस अफसरों को क्लीन चिट दे दी थी लेकिन अजय पाल शर्मा के खिलाफ कार्यवाही की शिकायत की थी।

इसके बाद एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने आईपीएस अजय पाल शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। अजय पाल शर्मा पर आईपीसी की धारा 409 गमन 20160 छिपाना और 120p अपराधिक संयंत्र के आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ है।

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