Japan PM appoints Minister of Loneliness after spike in suicides amid Covi19

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कोरोना काल में जापान में आत्महत्या करने वालों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। देश में बढ़ते आत्महत्या के मामले से चिंतित जापान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है और सरकार ने इसके लिए  ‘Minister of Loneliness’ (मिनिस्‍टर ऑफ लोन्‍लीनेस यानी अकेलेपन को दूर करने के लिए एक मंत्री) को नियुक्त किया है। महामारी के दौरान यानी साल 2020 में करीब 11 साल बाद जापान में अकेलेपन की वजह से इतनी बड़ी संख्या में आत्महत्या के केस सामने आए हैं, जिसके बाद जापान ने यह फैसला लिया है। 

द जापान टाइम्स के अनुसार, ब्रिटेन का अनुसरण करते हुए जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने इसी महीने की शुरुआत में अपनी कैबिनेट में ‘Minister of Loneliness’का पद जोड़ा था। बता दें कि साल 2018 में ब्रिटेन ने भी कुछ इसी तरह के का पद नियुक्त कर दुनिया का पहला देश बना था। 

जापानी प्रधानमंत्री सुगा ने मंत्री तात्सुशी सकामोतो को इसकी जिम्मेदारी दी है।  ‘Minister of Loneliness’ मंत्री बने तात्सुशी सकामोतो के पास पहले से देश की गिरती जन्म दर का मुकाबला करने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने का प्रभार है। 

सीएनएन के अनुसार, जिम्मेदारी मिलने के बाद अपने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सकामोटो ने कहा कि प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने इसे राष्ट्रीय मामला माना है, उन्हें इसका हल करने की जिम्मेदारी मुझे दी है। मुझे महामारी के तहत महिलाओं की बढ़ती आत्महत्या दर के मुद्दे को हल करने के लिए नियुक्त किया गया है। सकामोतो ने कहा, ‘प्रधानमत्री सुगा ने मुझे संबंधित मंत्रालय के साथ समन्वय करके, इस मुद्दे की जांच करने और एक व्यापक रणनीति बनाने का निर्देश दिया है। मुझे उम्मीद है कि सामाजिक अकेलापन और अलगाव को रोकने के लिए और लोगों के बीच संबंधों को बचाने के लिए कुछ गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा।’

सीएनएन ने बताया कि जापानी सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान बढ़े आत्महत्या और बाल गरीबी जैसे मामलों के लिए 19 फरवरी को कैबिनेट के भीतर एक ‘अलगाव / अकेलापन प्रतिवाद कार्यालय’ भी बनाया। अगर जापान में कोरोना के तांडव की बात करें तो जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक, जापान में 426,000 से अधिक कोविड केस दर्ज हुए और इससे 7,577 लोगों की मौतें हुई हैं।

वजह क्या है 
देश में खुदकुशी के पीछे अकेलापन और सामाजिक अलगाव प्रमुख कारण रहा है। हालांकि महामारी से उपजे अकेलापन ने स्थिति को और खराब कर दिया है। साल 2020 में कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे। इसकी वजह से देश में सोशल गैदरिंग को भी बैन कर दिया गया था।

इंटरनेट भी अवसाद को बढ़ा रहा  
कोरोना महामारी के दौरान किशोरों में अकेलेपन की समस्या बढ़ी है। किशोरों में अत्यधिक इंटरनेट उपयोग करने की वजह से ऐसा हो रहा है। एक अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। लंबे समय तक ऑनलाइन रहने के कारण वे इसके शिकार हो रहे हैं। अध्ययन में कुल 1,750 किशोरों को शामिल किया था। इसमें 16, 17 और 18 वर्ष की उम्र के लोगों को शामिल किया गया था। इनमें अधिकांश लोगों ने इंटरनेट पर काफी समय खर्च किया था। अध्ययन को बाल विकास पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।



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