Karnataka government said Kerala border closed for the safety of people from Corona CM Vijayan appealed to the Prime Minister to intervene – कर्नाटक सरकार ने कहा

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कोरोना के नए मामलों की संख्या में फिर एकबार इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या केरल में सर्वाधिक है। इस बीच कर्नाटक सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य में केरल से आने वाले उन्हीं लोगों की एंट्री होगी, जिनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होगी। कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डॉ. अस्वथनारायण ने इस निर्णय का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा, “हम सीमाओं को बंद करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। केवल उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं राज्य सरकार के फैसले का समर्थन करता हूं।”

कर्नाटक सरकार के इस फैसले का केरल ने विरोध किया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि केरल और कर्नाटक के बीच आवागमन बंद नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने कहा है कि पाबंदी के कारण छात्रों, जरूरी सामान ले जा रहे ट्रकों, मरीजों समेत काफी लोगों को राज्य की सीमाओं पर दिक्कतें हो रही हैं।

विजयन ने इस बारे में भी प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया है कि राज्यों के लोगों के अंतर-राज्यीय आवागमन पर पाबंदी लगाना केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। विजयन ने कहा, ”मैं आपसे इस मामले में तुरंत दखल देने का अनुरोध करता हूं ताकि केरल से पड़ोस के कर्नाटक जाने वाले लोगों को कठिनाइयों से बचाया जा सके।”

कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के कारण केरल से आने वाले यात्रियों को लेकर कर्नाटक सरकार ने पाबंदियां बढ़ा दी है। इस वजह से मंगलुरु और दक्षिण कन्नड़ के दूसरे भागों में जाने वालों को भारी दिक्कतें हो रही रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई सड़कों को सील किए जाने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में सोमवार सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखी गयीं। कोविड-19 संक्रमण नहीं होने का प्रमाणपत्र रखने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

सीमा पर तैनात कर्नाटक के अधिकारियों के मुताबिक जो लोग राज्य में दाखिल होना चाहते हैं उन्हें यात्रा से 72 घंटे पहले तक की आरटी-पीसीआर जांच का प्रमाणपत्र दिखाने के लिए कहा जा रहा है। मंगलुरु तालुका में तलापडी, बंटवाल में सराडका, पुत्तुर तालुक में नेतानिगे-मुदनुरु और सुल्लिया के जलसूर में सीमाओं पर तैनात स्वास्थ्य और पुलिसकर्मी प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के बाद ही लोगों को कर्नाटक में प्रवेश की अनुमति दे रहे हैं।



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