कोटा में बच्चो की मौत का आंकड़ा पहुँचा 107, केवल 2 दिन में 10 मौतें

राजस्थान: कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है अब तक कुल 107 बच्चो की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। साल 2020 के पहले 2 दिनों में ही 2 बच्चों की मौत हुई थी। साल 2019 के दिसंबर महीने में मौत का आंकड़ा अचानक बढ़ने से कोटा में हड़कंप मच गया था जिसको लेकर राज्यसभा स्पीकर ओम बिरला ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को स्मरण पत्र भेजकर दुःख जताया था।

राज्यसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने ट्वीट में लिखा था की “राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पुनः स्मरण पत्र भेजकर संसदीय क्षेत्र कोटा के जेके लोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में शिशुओं की असमय मृत्यु की प्रतिदिन बढती संख्या को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ चिकित्सा सुविधाओं के मजबूत बनाने के लिये आग्रह किया।”

वही लगातार हो रही मौतों पर NHRC ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव से 4 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा बच्चो की मौत को रोकने के लिए किये जा रहे इंतेजाम को लेकर भी रिपोर्ट मांगी गई है। वही गहलोत सरकार बच्चो की हो रही मौत का जिम्मेदार अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर्स को बता रहे है।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, राज्य सरकार में कोटा के प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा की, ‘हमारा मानना है कि मौतों को को नियंत्रित करना अस्पताल, डॉक्टरों और नर्सों की ज़िम्मेदारी है। यदि उपकरण की कमी थी, तो आपको इसे खरीदना चाहिए था। आपके पास लगभग 6 करोड़ थे और इतने उपकरणों की तो जरूरत भी नहीं थी।’

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