कोरोना की लड़ाई में 8 महीने के जुड़वा बच्चों को छोड़कर ड्यूटी पर पहुंचती है लैब टेक्निशियन

कोरोना वायरस से जंग में डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, नर्स से लेकर पुलिस अपना अहम योगदान दे रही हैं इसी बीच पुणा पाटिया सूरत की निवासी मयूरी बेन बेन भी अपनी जी-तोड़ मेहनत से एक मिसाल कायम कर रही है।

मयूरी बेन अपने 8 महीने के जुड़वा बच्चों को छोड़कर लॉकडाउन में 75 किलोमीटर एक्टिवा चलाकर अपने काम पर जाती हैं बतादे की मयूरी बेन 4 साल से लैब टेक्नीशियन का काम कर रही है और वह अपने घर से कणजोड़ तक का सफर हर रोज तय करती है।

इन्हीं की तरह दीपा बेन नयनभाई पटेल जो स्टाफ नर्स के रूप में पिछले 4 सालों से ड्यूटी निभा रही हैं वह भी इस कोरोना महामारी से लड़ने में अपना योगदान दे रही है अपनी 1 साल की बेटी को पति और मां के भरोसे छोड़कर रोजाना बाइक से अल्लू गोरिया से कणजोड़ का सफर तय करती हैं।

इसी तरह कणजोड़ पीएचसी में काम करने वाली दर्शना बेन आर सोलंकी पिछले 3 साल से वालोड से कणजोड़ का सफर तय करती है। सोलंकी की हाल ही में आंख की सर्जरी हुई है लेकिन इसके बावजूद वह इस कोरोनावायरस महामारी में अपनी ड्यूटी को बड़ी ईमानदारी से निभा रही हैं।

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