लगन किशोर ने बताया की, फायरिंग करने के बाद नेपाली पुलिस उसे राइफल की बट से मारकर अपने साथ उठा ले गए

बिहार के सीतामढ़ी- जानकीनगर बॉर्डर पर नेपाल पुलिस की तरफ से शुक्रवार 12 जून 2020 की गयी फायरिंग में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गयी थी जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेपाल पुलिस की तरफ से यह गलती उस समय की गयी है जब भारत-नेपाल के बीच सीमा को लेकर विवाद चल रहे है।

मीडिया ख़बरों के अनुसार, जानकीनगर बॉर्डर पर खेत में कुछ लोग काम कर रहे थे। उसी समय नेपाल की पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसमे लालबन्दी के रहने वाले नागेश्वर राय के 25 साल के बेटे डिकेश कुमार की मौत हो गई।

वही नेपाल पुलिस की तरफ से की गयी फायरिंग में उमेश राम पुत्र बिनोद राम तथा सहोरबा निवासी बिंदेश्वर ठाकुर के बेटे उदय ठाकुर घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सीतामढ़ी रेफर किया गया है।

लगन किशोर ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया की, हम फायरिंग शुरू करने पर भारत लौटने के लिए दौड़े, लेकिन उन्होंने मुझे भारतीय तरफ से घसीटा, राइफल की बट से मारा और मुझे नेपाल के संग्रामपुर ले गए। उन्होंने मुझे बताया कि मैं नेपाल से वहाँ लाया गया था। मैंने उनसे कहा कि आप मुझे मार सकते हैं लेकिन मुझे भारत से लाया गया था।

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