सरकारों की नौकरियों से ठगे गए नौजवानों एक बार मेरी बात सुन लो- रविश कुमार

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क्या मैं कभी नौकरी सीरीज़ से निकल पाऊंगा? डेढ़ साल हो गए। हर दिन कोई नई समस्या विकराल रूप धारण किए चली आती है। मेरा अपना अनुभव है कि नौजवान ही नौजवानों की समस्या नहीं देखते हैं। मतलब बिजली वाले के साथ क्या हो रहा है इससे शिक्षा वाले को कोई मतलब नहीं रहता.सब अपना अपना देखना चाहते हैं। होता कुछ नहीं है फिर भी देखना चाहते हैं। अपने आंदोलन और नीति की समझ और नैतिक बल के घोर अभाव के काऱण इन सभी के संघर्ष को कहीं पहुंचता हुआ नहीं देखता हूं।

क्या इन्हें इतनी समझ नहीं है कि एक ही व्यवस्था से लड़ रहे हैं तो सब सताये हुए लोग मिल जाएं। यूपी वाले आपस में मिल जाएं, बिहार वाले आपस में मिल जाएं फिर यूपी बिहार के नौजवान मिलकर मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, बंगाल वाले से मिल जाएं और व्यापक रूप से संघर्ष करें। व्यवस्थाओं से बात करें। उसे बताएं। दबाव डालें और सभी के लिए बेहतर हल की मांग करें। सुबह सुबह देश भर से ऐसे सताए हुए नौजवानों के मेसेज आने लगते हैं। अतंहीन सुरंग में चला गया हूं। बात करके दुख भी होता है। कोई इनकी बात सुनता क्यों नहीं है। कोई इनकी मदद क्यों नहीं करता है।

मैं कब तक ये करता रहूंगा। सोचता हूं अब बंद कर दूं। डेढ़ साल लगातार प्राइम टाइम में दिखाने के बाद मैं कह सकता हूं नौकरी सीरीज़ बंद करता हूं। अब इसे रोज़ रोज़ नहीं करूंगा। जब यह समस्या है तो नौजवानों इसका हल राजनीति से ढूंढना होगा। आलस्य से काम नहीं चलेगा। मैं उनका दर्द समझता हूं। पर अपना दर्द उन्हें बताएं जो उनके दर्द से राजनीतिक कारोबार करते हैं। इसी के साथ आज मेरे व्हाट्स एप में धड़ाधड़ कई मेसेज आए। उत्तर प्रदेश के। सोचा कि आपके साथ शेयर करता हूं।

इतने मेसेज आते हैं कि पढ़ने में गर्दन में दर्द हो जाता है और डिलिट करने में उंगलियां थक जाती हैं। क्या आप एक दिन में एक एक हज़ार मेसेज हैंडल कर सकते हैं?

सेवा में,
मा• रवीश कुमार जी
नई दिल्ली
विषय:- उ•प्र• पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में सौभाग्य योजना के अंतर्गत चयनित किए गए मिशन मैनेजर एवं मिशन एसोसिएट् को नौकरी से निकालने के संबंध में।

आदरणीय, भारत एवं उ• प्र• के सभी उच्च अधिकारियों, विभागों तथा मीडिया चैनलों। हम लगभग 2000 इंजीनियर्स मार्च 2018 तक किसी न किसी अच्छी कारखानों एवं संस्थानों में 2 – 3 सालों
से कार्यरत थे। लेकिन जब हमने उ•प्र• पावर कॉर्पोरेशन लि. लखनऊ का विज्ञापन देखा, जहां विद्युत विभाग में स्टाफ कि कमी की वजह आउटसोर्सिंग के माध्यम से इंजीनियर भर्ती किए जाने थे।
हमने यहां आवेदन किया और फिर हम लोगो को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया।हम लोगो का इंटरव्यू भी यूपी पीसीएल के चीफ़ इंजीनियर्स के द्वार लिया गया और युवाओं का चयन भी उच्च अधिकारीयों
ने किया। चयनित हुए सभी अभ्यर्थी बी-टेक/डिप्लोमा होल्डर थे और सभी के पास 1 से 3 साल का अनुभव भी था। चयनित हुए अभ्यार्थियों ने मिशन मैनेजर तथा मिशन एसोसिएट के पद पर नियुक्ति हुए।
“जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हमारे प्रधानमंत्री मा•श्री नरेन्द्र मोदी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है घर घर बिजली पहुंचना। केंद्र एवं भारत सरकार की मह्वाकांक्षी योजना “”प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना”””
(सौभाग्य योजना) को सफल एवं सुचारू रूप से संचालन के लिए हमारी भर्ती किया गया था। हम सभी 2000 इंजीनियर्स ने दिन रात मेहनत करके इस योजना में हर गांव तथा मजरों में बिजली सेवा पहुंचने
और ग्रामीण लोगो को इस योजना के बारे में बताया और मुफ़्त में ज्यादा से ज्यादा कनैक्शन करवाने का काम किया। उत्तर प्रदेश के हर जिले में लगभग 03 से 05 लाख कनैक्शन का लक्ष्य दिया गया था।
उसमे से हम लोगो ने लगभग 1.05 से 02 लाख कनैक्शन 06 महीनों में करवाए। ज्यादातर गांव में इंफ्रस्ट्रक्चर (पोल, ट्रांसफार्मर, तार) आदि की समस्या थी उसे भी ठीक कराया। चुकी विद्युत विभाग में
पहले से ही 60,000 पद रिक्त हैं इस वजह से हमने Ex-EN सर, S.D.O. सर और JE सर के भी कार्यों को किया एवं हम लोग S.E. सर के दिशानिर्देशों पर कार्य करते थे। मिशन मैनेजर/ मिशन एसोसिएट
“की वजह से हर ज़िले में 55% काम पूर्ण हो गया है लेकिन 45% कार्य अभी भी अधूरा है। इसके बावजूद भी पता नहीं क्यूं सभी जनपदों जो “”सौभाग्यशाली”” घोषित कर दिया गया है। हम अभी कार्य कर ही रहे थे,”
कि अचानक यूपी पीसीएल से ये आदेश आता है कि सौभाग्य योजना में कार्य कर रहे अभियंताओं को 28/02/2019 से कार्य मुक्त किया जाए। अब जब हमें निकाल दिया जाएगा तो गांव में कार्य कर रही TKC
को कौन देखेगा। हमारे ना रहने की वजह से TKC अपना कार्य क्वालिटी के अनुरूप नहीं करेगी। पहले से काफी ज्यादा कनैक्शन हो जाने की वजह से विभाग पर बहुत लोड बड जाएगा जिससे निपटने के लिए
विभाग के पास कोई तंत्र नहीं है। इससे सरकार और उपभोक्ता को बहुत बड़ा नुक्सान होगा।

अब हम 2000 अभियंताओं को निष्कासित करने का आदेश आ चुका है, तो फ़िलहाल हम बेरोजगार हो जाएंगे। देश में बेरोज़गारी की हालत किसी से छुपी नहीं है। इस स्थिति में हमें कोई नौकरी भी नहीं मिलेगी।
आखिर जब 6 – 7 महीने में ही निकालना था तो भर्ती क्यों किया गया। सरकार कह रही है कि सौभाग्य योजना मार्च 2019 में समाप्त हो रही है। तब PMA और TKC को क्यू रखा गया है अभी तक। हमारा चयन
आउटसोर्सिंग से हुआ था एवं कॉन्ट्रेक्ट पीरियड 15 महीनों का था और 6 6 महीनों के दो एक्सटेंशन भी था।फिर भी इतनी जल्दी क्यूं निकाला जा रहा है, कारण क्या है। मा• नरेंद्र मोदी जी और बीजेपी पार्टी की
“नीति एवं दावा है कि””सबका साथ सबका विकास”” तो हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यू किया जा रहा है, हमारा परिवार कहा जाएग।”

अतः हम भारत सरकार, उ•प्र• सरकार, केंद्रीय उर्जा मंत्रालय और भाजपा पार्टी से विनम्र निवेदन है कि, इस आदेश पर कृपया विचार कीजिए। हम 2000 इंजीनियर्स का का भविष्य संकट में मत डालिए।
हम मीडिया के अधिकारियों से भी हाथ जोड़ कर अनुरोध है कि, कृपया हमारे मुद्दे पर प्रकाश डालिए। हम सभी अभियंता आशा और विश्वास करते हैं कि आप लोग हमारी मदद करेंगे।

धन्यवाद्…!! प्रार्थिगण
मिशन मैनेजर
मिशन एसोसिए

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