लॉकडाउन : छोले-भटूरे वाला पैदल ही कानपुर से ठेले पर परिवार को बैठाकर घर के लिए निकला

कोरोना वायरस की वजह से पुरे देश में लॉक डाउन की घोषणा की गयी है। लॉक डाउन की वजह से सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। कोई पैदल तो कोई रिक्शे से ही अपने घर जाने के लिए निकल पड़ा है। इसी बीच औरया के रहने वाने राजेश कुमार कानपुर से अपने परिवार को छोले भटूरे के ठेले पर बैठाकर अपने घर चल दिए।

शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजकर 30 मिनट पर जब राजेश कुमार औरैया के जालौन चौराहे से गुजरे तो पुलिस ने रोक कर उनसे पूछताछ करने लगी। राजेश ने बताया की लॉक डाउन की वजह से उनका परिवार जाये तो जाये कहाँ। इसीलिए वह अपने परिवार को कानपुर से ठेले पर बैठाकर अपने घर जा रहे है।

हालाँकि अपनी बेबसी कहने के बावजूद पुलिस उन्हें आगे भेजने के लिए तैयार नहीं हुई। वही हुगली जिले के नेताजी मोड़ भद्दोपट्टी में रहकर काम करने वाले दिलीप महतो ने बताया की, कोरोना वायरस की वजह से 10 दिनों से कोई काम नहीं था। खाने के लिए भी कुछ नसीब नहीं था। लॉक डाउन की वजह से ट्रेन, बस नहीं मिलने के बाद वह 23 लोग अपने घरो के लिए निकल पड़े।

इसके अलावा कोलकाता में दरभंगा के भी काफी लोग मज़दूरी करते है। शुक्रवार को दो मिनी ट्रक के माध्यम से लोगों को भागलपुर के रास्ते दरभंगा ले जाया गया। लेकिन इस दौरान किसी भी मजदूरों की कोरोना जांच नहीं की गई।

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