लॉकडाउन: स्वास्थ्य विभाग को सताने लगा जनसंख्या विस्फोट का खतरा, महिलाओं को दी जा रही माला एन एवं छाया टैबलेट

लॉकडाउन के दौरान घरों में जनसंख्या विस्फोट का खतरा पैदा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को अलर्ट के तौर पर लिया है। जिसके बाद विभाग ने जनपद की आशाओं के माध्यम से लोगों तक परिवार नियोजन की सलाह पहुंचाने की प्लानिंग की है। आशाओं को घर-घर जाकर परिवार नियोजन का संदेश देने के लिए लगाया गया है। जनता को परिवार नियोजन के संसाधन वितरित कराए जा रहे हैं। सीएमओ ने सभी सीएचसी, पीएचसी प्रभारियों को भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

22 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन है। लोग घरों में हैं जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को जनसंख्या विस्फोट का खतरा सताने लगा है। कोरोना संक्रमण रोकने के साथ-साथ अब स्वास्थ्य विभाग ने जनसंख्या विस्फोट रोकने की पहल भी शुरू की है।

लोगों को सामाजिक दूरी बनाने और कोरोना के खतरे की जानकारी दी ही जा रही है साथ ही अब जनसंख्या नियंत्रण का संदेश भी दिया जायेगा। सीएमओ डा. एके पांडेय ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम को घर-घर जाकर परिवार नियोजन के लाभ बताने को कहा गया है। परिवार नियोजन के संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
] मैनपुरी। सीएमओ के निर्देश पर आशाएं, एएनएम इस अभियान में जुट गई हैं। जिनके दवारा लोगों को फैमिली प्लानिंग के फायदे गिनाए जा रहे हैं साथ ही बच्चों में अंतर रखने और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए महिलाओं को माला-एन एवं छाया टैबलेट वितरित की जा रही हैं। जिला फैमिली प्लानिंग एवं लॉजिस्टिक मैनेजर रंजीत सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों, जिलों से प्रवासी मजदूर घर लौटे हैं। परिवार नियोजन के लिहाज से यह समय महत्वपूर्ण है। लोगों को टेबलेट, पंपलेट वितरित कराए जा रहे हैं।

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