प्रतीकात्मक तस्वीर

लॉकडाउन ने छीना रोजगार, 150 किलोमीटर पैदल घर के लिए निकली 12 साल की बच्ची, घर से कुछ दूर पहले हुई मौत

कोरोना की वजह से देशभर में हुए लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभाव प्रवासी मजदूरो पर पड़ा है। लॉकडाउन अब 3 मई तक बढ़ा दिया गया है जिसकी वजह से मजदूरों बेरोजगार हो गए है। ऐसे में शहरों में उनको कई दिन भूखो रहने के बाद पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल गए हैं। इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आयी है जो आपको अंदर तक झगझोर देगी।

मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली 12 साल की एक बच्ची जो तेलंगाना के कन्नईगुडा में मिर्च के खेतों में काम करती थी। लेकिन 15 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढ़ने के बाद घर लौटने का फैसला किया था। लेकिन गांव पहुंचने से पहले ही बच्ची की मौत हो गयी। यह मामला बीते शुक्रवार का है लेकिन अब जाकर सामने आया है।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, छत्तीसगढ़ की एक 12-वर्षीय लड़की, जो 11 लोगों के समूह के साथ, जो तेलंगाना से बीजापुर अपने मूल स्थान पर लौटने के लिए पैदल ही चली थी,3 दिन तक पैदल चलने के बाद उसने 150 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी। लेकिन 18 अप्रैल को उसकी मौत हो गयी। सीएमएचओ बीजापुर का कहना है कि “मुझे अभी उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देखना बाकी है लेकिन उसकी मौत थकावट, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन या निर्जलीकरण के कारण हुई होगी ”

उन्होंने आगे बताया, वे मिर्च के खेतों में काम करने के लिए तेलंगाना गयी थी। चूंकि तेलंगाना से चलने का कोई साधन नहीं था। उसके शरीर को संरक्षित किया गया है और एहतियात के तौर पर नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे। यह नकारात्मक आया इसलिए पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Check Also

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए चारो जनपद में चल रहा चेकिंग अभियान, SSP गोरखपुर खुद सड़क पर उतरे

उत्तर प्रदेश: पुलिस कर्मियों का हत्यारा अभी भी फरार, दुर्दांत अपराधी विकास दुबे अभी भी …