ममताvsCBI : धरने पर बैठी ममता बनर्जी, केजरीवाल ने कहा- मोदी-शाह की जोड़ी देश के लोकतंत्र के लिए खतरा

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photo credit: ANI
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पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में सीबीआई बनाम कोलकाता पुलिस मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बतादे की सीबीआई की एक टीम चिटफंड घोटालों के सिलसिले में पूछताछ के लिए कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर पहुंची। लेकिन वहाँ तैनात कर्मचारियों ने सीबीआई की टीम को राजीव कुमार के आवास में घुसने से रोकते हुए गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

वही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तुरंत प्रेस वार्ता कर धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया। ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा की, ये सब प्रधानमंत्री के इशारे पर हो रहा है। वही इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कूद पड़े है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सपोर्ट करते हुए कहा, नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र का मज़ाक बना दिया है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इसे अपमानपूर्ण, अस्तव्यस्त और लोकतंत्र की हत्या करार दे दिया।

वही धरने पर बैठने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस वार्ता में कहा, “कोलकाता पुलिस प्रमुख के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध वाली है। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल में ‘तख्तापलट’ की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि तृणमूल कांग्रेस ने यहां विपक्ष की रैली का आयोजन किया था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर सीबीआई को निर्देश दे रहे हैं। कानून-व्यवस्था राज्य का मामला है, हम क्यों आपको (सीबीआई) सब कुछ दे दें। मैं संविधान की रक्षा के लिए आज रात ‘धरने’ पर बैठूंगी और इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन करूंगी।” जिसके बाद ममता धर्मतल्ला के समीप मेट्रो चैनल के पास धरने पर बैठ गई।

ममता बनर्जी के समर्थन में केजरीवाल ने कहा, “मोदी जी ने लोकतंत्र और संघीय ढाचे को मजाक बना दिया है। कुछ साल पहले मोदी जी ने अर्धसैनिक बलों को भेज दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा पर कब्जा कर लिया था। मोदी-शाह की जोड़ी भारत और देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है। हम इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं।”

वहीं पुरे मामले पर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “राज्य सरकार की स्थानीय पुलिस, जिसका की कर्तव्य होता है, सीबीआई जैसी सर्वोच्च संस्था की स्थानीय स्तर पर मदद करना, वहीं सीबीआई को कार्यवाही करने से बंगाल में रोक रही है। यह संघीय ढांचे की अवहेलना नही है? कहीं इन कमिश्नर साहब ने 40000 करोड़ के चिटफंड घोटाले की फाइलो को दबाने में मदद तो नही की है? बिना कारण के सीबीआई जैसी उच्चराष्ट्रीय संस्था की कार्यवाही के चलते इन साहब को ईमानदारी का सर्टिफिकेट देने की क्या जरूरत आन पड़ी?”

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