लॉकडाउन में राजस्थान से बिहार जा रहा था प्रवासी मजदूर, शमी के घर के बाहर हुआ बेहोश, शमी ने कुछ इस तरह से की मदद

भारत में कोरोनावायरस को रोकने के लिए अब लॉक डाउन को बढ़ाकर 3 मई तक के लिए कर दिया गया है। वही अलग-अलग राज्य में फंसे प्रवासी मजदूर किसी भी तरह अपने घर जाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे ही लोगों की मदद आजकल भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी अमरोहा में कर रहे हैं।

मोहम्मद शमी ने भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल से इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो चैट में बताया कि वह प्रवासी मजदूर के रहने व खाने का इंतजार करवा रहे हैं। युजवेंद्र से मोहम्मद शमी ने बताया कि उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की मदद की जो उनके दरवाजे तक आ कर बेहोश हो गया। शमी अपने शहर के एक ग्रुप के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जो जरूरतमंदों के खाने और रहने का इंतजाम कर रहा है।

शमी ने बताया कि एक मजदूर जो राजस्थान से चल कर आया था और उसे बिहार अपने घर जाना था। लेकिन उसके पास पहुंचने के लिए कोई जरिया नहीं था। मैंने अपने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से देखा कि वह मेरे दरवाजे के पास भूख के मारे बेहोश हो गया है। मैंने तुरंत उसके खाने का इंतजाम किया और उसकी मदद की, मै देख रहा हूँ की लोग काफी मुश्किलों में है और परेशानी का सामना कर रहे हैं मेरा घर हाईवे के पास ही है और मैं चीजों को देख रहा हूं।

शमी ने आगे कहा, “मैं कोशिश कर रहा हूं कि जितनी मदद कर सकता हूं, उतनी करूं। यहां कई प्रवासी मजदूर हैं, जो अपने घर पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हाईवे मेरे घर के पास है, जो मैं देख सकता हूं कि लोग किन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। मुझे लगता है कि मुझे मदद करनी चाहिए और जितनी मदद कर सकता हूं मैं कर रहा हूं।”

इसके अलावा शमी ने उन भारतीय टीम के खिलाड़ियों से खाना बनाने सलाह दी जो फिलहाल क्वारंटाइन में है उन्होंने कहा, “मैं भी खाना बनाना सीख रहा हूं। मैं रसोई में जाता हूं और अपनी मां की मदद करता हूं।”

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