मोदी को दक्षिण कोरिया में सियोल शांति पुरस्कार,1.30 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि नमामि गंगे के नाम

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दक्षिण कोरिया:दो दिन के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण कोरिया पहुँचते ही भारतवासियो ने जमकर स्वागत किया। सियोल में भारतवासियो को संबोधित करते हुए कहा, ”हमारा लक्ष्य अगले 15 साल में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होना है। हमें दुनिया में महात्मा गांधी की विरासत का प्रसार करना चाहिए। शुक्रवार को मुझे शांति पुरस्कार दिया जाएगा। यह मेरा नहीं है, बल्कि मैं 130 करोड़ भारतीयों और विदेश में रहने वाले 3 करोड़ भारतीयों की ओर से इसे लेने आया हूं। यह पुरस्कार भारतीयों के परिश्रम की निशानी है।”

दक्षिण कोरिया ने 1988 में सियोल ओलिंपिक के सफल आयोजन के बाद सियोल शांति पुरस्कार शुरू किया था। मोदी इसी के साथ सियोल शांति पुरस्कार पाने वाले 14वें व्यक्ति बन गए है। मोदी ने सियोल शांति पुरस्कार पर कहा की ये पुरस्कार हमारा नहीं बल्कि पुरे भारत का है साथ ही पुरस्कार में मिली 1.30 करोड़ की राशि नमामि गंगे प्रोजेक्ट में देने की भी घोषणा की। सियोल शांति पुरस्कार पाने से पहले पीएम मोदी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। वह दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन से स्पेशल स्ट्रैटजिक भागीदारी को मजबूत करने पर वार्ता करेंगे।

पीएम मोदी ने ”महात्मा गांधी कहा करते थे कि परमात्मा ने मनुष्य की जरूरत (नीड) के लिए सब कुछ दिया है, लेकिन मनुष्य की ग्रीड के लिए यह सारी चीजें कम पड़ जाएंगी। इसलिए मनुष्य को नीड के हिसाब से जीवन बिताना चाहिए, न कि ग्रीड से हिसाब से। गांधीजी के समय में कोई ग्लोबल वॉर्मिंग पर चर्चा नहीं होती थी। उन्होंने कोई कार्बन फुटप्रिंट्स नहीं छोड़े। उन्होंने हमेशा आने वाली पीढ़ी के लिए संसाधन छोड़ने की बात कही। वे कहते थे कि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो हम अपने बच्चों का हिस्सा खा लेंगे, उनका अधिकार ले लेंगे। मानवजाति आज आतंकवाद के संकट से जूझ रही है। गांधीजी का संदेश अंहिसा के माध्यम से, हृदय परिवर्तन के माध्यम से हिंसा के रास्ते पर गए लोगों को लौटाने का, मानवीय शक्तियों के एकत्र होने का संदेश आज भी लोगों को देता है।”

पीएम मोदी का दो दिवसीय दक्षिण कोरिया दौरा लोकसभा चुनाव से पहले का आखिरी विदेश दौरा माना जा रहा है। वैसे पीएम मोदी के भूटान यात्रा पर भी जाने की खबर है। लेकिन दोनों देशों के बीच अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है। इसी बीच सियोल में दक्षिण कोरियाई राजनयिक ने बताया, 2017 में सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति मून ने देश के पारंपरिक फोकस जिसमे चीन, रूस, जापान और यूएस के अलावा अब सदर्न पॉलिसी के तहत भारत को भी इसमें शामिल किया था।

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