मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने कहा, देश की मीडिया जल्द से माफ़ी मांग ले नहीं तो करेंगे क़ानूनी कार्यवाही, वरना पूरा भारत हो…..

कोरोना भारत मे तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है, लेकिन सोशल साइट पर कई यूजर का कहना है कि, बीते सप्ताह से मीडिया दवारा कोरोना को धार्मिक रूप दे दिया गया है। बता दे, जब से निजामुद्दीन मरकज से जमात के लोग पॉजिटिव पाए गए है। तबसे ही देश में बवाल मचा हुआ है, मरकज से जुड़े कुछ लोगों की मौत भी हो गई है। इस पर ग्रह मंत्रलय ने कहा कि, इस साल मरकज में शामिल होने वाले 2100 लोग विदेशी थे।

निजामुद्दीन मरकज के प्रमुख मौलाना साद के बारे में मीडिया उनका फ़ोटो बार बार दर्शकों दिखा रही है। जिसको लेकर मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील उर रहमान सज्जाद ‘नोमानी ने मीडिया के एक वर्ग द्वारा उनकी तसवीर बार बार दिखाने को लेकर एतराज जताया है। मौलाना नोमानी ने कई मीडिया संस्थानो को लिखित पत्र में कहा कि, अपनी इस गलती के लिए बिना शर्त माफी मांगे। उन्होंने कहा कि, अगर मीडिया माफी नही मांगता है तो वो कानूनी कार्यवाही करेंगे।

मौलाना नोमानी ने कहा कि, निजामुद्दीन मरकज को लेकर उठे हुए विवादों में टी’वी चैनलों, अखबारों ने मरकज के मौलाना साद को लेकर खबरे प्रसारित की है। उनको दोषी ठहराया है। नोमानी ने इस महामारी से जुड़ी रिपोर्ट में संयम और जिम्मेदारी दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मेरे अनुरोध के बाद भी मेरी तस्वीर का इस्तेमाल आगे किया जाता है तो कानून कारवाही करने के सिवाय कोई विकल्प नही है।

उन्होंने कहा है कि, पीएम मोदी के लोकडाउन का समर्थन किया है। कहा कि समाज के सभी लोगो को एकजुट होने की जरूरत है। ये समय जाती, धर्म और मजहब से ऊपर उठकर कोरोना से लड़ने का है। पूरी दुनिया की नजर इस वक्त भारत की तरफ है। बता दे, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का स्तर लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दिया है ।

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