निर्भया का दोषी राम सिंह जिसका एक हाथ खराब, दूसरे में रॉड.. इसने ही किया था सबसे पहले रेप

साल 2012 16-17 दिसंबर की रात चलती बस में 6 दरिंदों ने निर्भया से गैंगरेप किया था। जिनमे 4 आरोपियों को एक फरवरी फांसी दी जाएगी। इन आरोपियों में एक नाबालिग भी था। जिसे तीन साल जेल में रहना पड़ा और उसके बाद उसे रिहा कर दिया गया। निर्भया से गैंगरेप के मुख्य दोषी राम सिंह की मौत हो गई थी। 11 मार्च 2013 में राम सिंह की लाश जेल में पड़ी मिली थी। जेल प्रशासन के अनुसार कहा गया था कि जेल में राम सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।

प्रशासन का कहना था कि आरोपी राम सिंह ने जेल में दिए जाने वाले दरी, कंबल और अपने कपड़ों से रस्सी बना ली थी। और अपने पाजामे के नाड़े से फांसी का फंदा बना लिया था। राम सिंह दिल्ली तिहाड़ की जेल नंबर 3 में कैद था। आरोपी राम सिंह का एक हाथ खराब था और दूसरे हाथ में लोहे की रॉड डाली हुई थी। लेकिन फिर भी उसे बस चलाने में कोई परेशानी नहीं होती थी।

राम सिंह अकड़ू किसम का आदमी था। उसके दोस्त उसे मेंटल कहकर पुकारते थे। जब राम सिंह तिहाड़ जेल आया था उसके बर्ताव को लेकर उसे अन्य कैदियों ने बुरी तरह से पीटा था। जिसके बाद उसे दूसरी जेल में रखा गया था। जेल में राम सिंह की मौत होने पर उसके घर वालों ने आरोप लगाया था कि राम सिंह की जेल में हत्या की गई है। राम सिंह वो आरोपी था जिसने अदालत में कुबूल किया था कि उससे बहुत बड़ा गुनाह हुआ है। उसे फांसी दे दी जाए।

आरोपी राम सिंह दक्षिण दिल्ली के रविदास झुग्गी झोपड़ी कॉलोनी में रहता था, तथा वह बस चलकर गुज़ारा करता था। निर्भया का रेप होते समय राम सिंह ही बस चला रहा था। राम सिंह के पड़ोसियों ने बताया कि, वह काफी शराब पीता था। आरोपी राम सिंह ने ही सबसे पहले निर्भया का बलात्कार किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राम सिंह का पूरा परिवार 20 साल पहले राजस्थान से दिल्ली आये थे। यह कुल पांच भाई हैं जिनमे राम सिंह तीसरे नंबर का था। निर्भया गैंगरेप में मामले में सबसे पहले राम सिंह को ही पकड़ा गया था। राम सिंह को गैंगरेप के 18 घंटे के अंदर ही पुलिस दवारा पकड़ लिया गया था।

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