मंदी का असर, 90,000 भारतीय जवानों का वेतन देने के लिए सरकार पर पैसे नहीं

भारतीय सेना का बार बार नाम लेने वाली मोदी सरकार अब उन्हें सुविधाएं देने में नाकाम साबित हो रही है। बीजेपी सरकार ने भारतीय सेना को लेकर काफी राजनीती की है। टेलीग्राफ की खबर के अनुसार, सीमा पर तैनात रहने वाले सशस्त्र बल के करीब 90000 हजार कर्मियों को सरकार की तरफ से जनवरी और फरवरी के भत्तों का भुगतान नहीं किया गया है।

ऐसा न किए जाने पर सरकार के पास फंड की कमी बताई जा रही है। सशस्त्र बल ने इसपर चिंता जताते हुए सरकार से कहा दिया है कि उनके पास दो महीने का वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं है। ये साफ है कि मंदी का असर अब सेना के जवानों के ऊपर भी दिखने लगा है। लेकिन मोदी सरकार ये अभी भी ये नहीं मान रही है कि देश में मंदी है। लेकिन सभी सरकारी कंपनियों और संस्थाओं में पैसे की कमी साफ़ दिखाई देने लगी है।

यह दूसरी बार है जब अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के भत्तों का भुगतान रोक दिया गया है। पिछले साल सितंबर 2019 में सीआरपीएफ के 3 लाख जवानों का 3600 रुपये का राशन भत्ता रोका गया था। मामला बढ़ने के बाद अगले महीने यानि अक्टूबर महीने में सरकार ने फंड जारी किया था। जो भत्ते रोके गए हैं सशस्त्र बल के कर्मचारियों के उसमें सभी तरह के भत्ते शामिल हैं। इस्नमेँ बच्चों की पढाई, लीव कांशेसन आदि भत्ते शामिल हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि SSB भूटान-नेपाल से सटी भारत की 2450 किलोमीटर सीमा की रक्षा करते हैं।

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