दोषियों की फांसी टालने के लिए अब परिजनों का पैंतरा, राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु

नई दिल्ली: निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को 5:30 बजे फांसी दी जानी है जिसमें अब कुछ ही दिन बाकी है। लेकिन उससे पहले निर्भया के दोषियों के परिवार वालों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। जिसमें दोषी के बूढ़े मां-बाप, भाई- बहन और बच्चे शामिल है।

दोषियों के परिवार वालों की तरफ से पत्र में लिखा है कि, ”हम आपसे (राष्ट्रपति) और पीड़िता के माता-पिता से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे अनुरोध को स्वीकार करें और हमें इच्छामृत्यु की अनुमति दें और भविष्य में होने वाले किसी भी अपराध को रोकें, ताकि निर्भया जैसी दूसरी घटना न हो और अदालत को एक के बदले 5 लोगों को फांसी न देनी पड़े।”

पत्र में आगे लिखा है, ‘बदले का भाव तो शक्ति की परिभाषा नहीं है, माफ करने में ही शक्ति है। पवित्र पुस्तक रामायण भी यही कहती है।’ आगे लिखा है कि पाप, पापी व परिवार को बर्बाद करके भविष्य में होने वाले किसी भी जुर्म पर रोक लगाएं।

इससे पहले अदालत ने 22 जनवरी के दिन निर्भया के दोषियों के लिए फांसी का दिन तय किया था। लेकिन रिव्यू पिटिशन दाखिल करने की वजह से फांसी टल गई थी। फिर बाद में 1 फरवरी का दिन फांसी के लिए मुकर्रर किया गया, लेकिन कुछ दोषियों की राष्ट्रपति के पास दया याचिका लंबित रहने की वजह से फांसी टल गई थी। फिर कोर्ट ने 3 मार्च का दिन फांसी के लिए तय किया है। लेकिन फिर निर्भया के दोषी कानूनी दांवपेच के चलते फांसी से बच जा रहे थे।

गौरतलब है की 16 दिसंबर 2012 को 6 आरोपियों ने मिलकर 23 साल की लड़की के साथ चलती बस में गैंगरेप किया था और उसे बुरी तरह पीटा भी था। इस घटना ने पुरे देश को हिलाकर रख दिया था। कुछ दिन बाद ही निर्भया की मौत हो गयी थी।

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