भारतवर्ष में लागू हुई NRC अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दिखाए ये दस्तावेज, नहीं तो..

बुधवार को पीएम मोदी के नेता अमित शाह ने स्पष्ट किया कि, भारत में गैर क़ानूनी तरीकों से आए लोगों की पहचान के लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजी NRC शुरू हुई है। इसे असम में दोहराया जा रहा है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान छह गैर मुस्लिम धर्मों के शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने से जुड़े सवाल में अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंगलादेश में प्रताड़ना के शिकार होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन पारसी और इसाई धर्म के शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी।

भारत के हर शख्स के दिमाग में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) नाम सुनकर कई तरह के सवाल आ रहें होंगे। कई लोगों के दिमाग में यह भी है कि भारत की अन्य स्टेट में भी असम वाला फॉर्मूला ही लागू किया जायेगा? या फिर सभी राज्यों में अपनी नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग फॉर्मूला अपनाया जाएगा? बड़ा सवाल है कि उन लोगों की नागरिकता कैसे पता होगी जिनके माता-पिता अलग-अलग स्टेट से है, उनके लिए कैसे विकल्प दिए जाएंगे।

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में असम के लोगों के लिए A और B की सूची राखी गई है। अगर यही फॉर्मूला पुरे देशभर में लागू किया गया तो इन सभी दस्तावेजों की होगी मांग।

‘A’ सूची में मांगे गए दस्तावज
1. 1951 का एनआरसी
2. 24 मार्च, 1971 तक का मतदाता सूची में नाम
3. जमीन का मालिकाना हक या किरायेदार होने का रिकॉर्ड
4. नागरिकता प्रमाणपत्र
5. स्थायी निवासी प्रमाण पत्र
6. शरणार्थी पंजीकरण प्रमाण पत्र
7. किसी भी सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी लाइसेंस/सर्टिफिकेट
8. सरकार या सरकारी उपक्रम के तहत सेवा या नियुक्ति को प्रमाणिक करने वाला दस्तावेज
9. बैंक या पोस्ट ऑफिस अकाउंट
10. जन्म प्रमाणपत्र
11. राज्य के एजुकेशन बोर्ड या यूनिवर्सिटी के प्रमाण पत्र
12. अदालत के आदेश रिकॉर्ड
13. पासपोर्ट
14. कोई भी एलआईसी पॉलिसी
आपकी जानकरी के लिए बता दें कि सूची में दिए गए दस्तावेजों में से कोई भी 24 मार्च 1971 के बाद का नहीं होना चाहिए। अगर असम के किसी नागरिक के पास 24 मार्च 1971 से पहले का कोई दस्तावेज नहीं है वह 24 मार्च 1971 से पहले का अपने पिता या दादा का डॉक्यूमेंट दिखा सकता है। और जिनके पास कोई भी दस्तावेज नहीं है तो, उन लोगों को पिता/दादा से अपना संबंध साबित करना होगा। ऐसे लोगों को लिस्ट ‘ B’ में मन्ये दस्तावेज दिखाने होंगे।

‘B’ सूची में मांगे गए दस्तावज
1. जन्म प्रमाणपत्र
2. भूमि दस्तावेज
3.बोर्ड या विश्वविद्यालय प्रमाण पत्र
4. बैंक / एलआईसी / पोस्ट ऑफिस रिकॉर्ड
5. राशन कार्ड
6. मतदाता सूची में नाम
7. कानूनी रूप से स्वीकार्य अन्य दस्तावेज
8. विवाहित महिलाओं के केस में सर्कल अधिकारी या ग्राम पंचायत सचिव द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र

आपकी जानकरी के लिए बता दें कि एनआरसी से लगभग असम में 19.6 लाख लोगों को बाहर किया गया है। जिन लोगों के नाम लिस्ट में नहीं आए हैं उनके लिए सरकार ने उनकी नागरिकता साबित करने के लिए ट्रिब्यूनल में अपील दायर की है जो कि असम की हर तहसील में मुहैया कराई गई है।

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