‘डूब गया पूनम का चाँद, बोली- 17 दिन की शादीशुदा होने पर है गर्व’

राजस्थान के भरतपुर जिले के रूपवास तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव बरौली ब्राह्मण के रहने वाले सौरभ कटारा 23 दिसंबर की रात शहीद हो गए थे। जिनकी अभी 16 दिन पहले ही शादी हुई थी।

मिली जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों द्वारा किए गए बम ब्लास्ट में 23 दिसंबर को सौरव कटारा शहीद हो गए थे। जिस दिन सौरभ शहीद हुए उसके 2 दिन बाद ही सौरव का जन्मदिन था लेकिन अफसोस सौरभ जन्मदिन नहीं मना सके। वही सौरभ कि अभी 16 दिन पहले ही नई-नई शादी हुई थी।

पत्नी पूनम के हाथों की मेहंदी का रंग भी अभी पूरी तरह नहीं छूटा था की पति का साथ छूट गया। लेकिन शहीद सौरभ की पत्नी पूनम देवी ने साहस दिखाते हुए अपने पति के पार्थिव शरीर को कंधा देते हुए श्मशान पहुंचाया और आखरी सैल्यूट भी किया।

बता दें कि सौरभ कटारा की शादी 8 दिसंबर को पूनम के साथ हुई थी। इसके बाद सौरव 16 दिसंबर को ड्यूटी पर वापस आ गया था। 25 दिसंबर को सौरभ का जन्मदिन था इसलिए पत्नी पति को सरप्राइज देने के लिए 1 दिन पहले ही ससुराल पहुंच गई थी। लेकिन उसी दौरान सौरभ के शहीद होने की खबर आ गई।

सौरभ आर्मी की 28 राष्ट्रीय राइफल में तैनात था और उसकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में लगी थी। शहीद सौरभ के पिता नरेश कटारा भी आर्मी में थे और 2002 में रिटायर हो गए थे। उन्होंने 1999 में कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। बेटा के शहीद होने पर पिता ने कहा कि बेटे की शहादत पर गर्व है।

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