उत्तर प्रदेश में CAA को लागू करने की प्रक्रिया शुरू, सभी जिलाधिकारी को दिए गए आदेश

पीएम मोदी दवारा लागु हुए CAA कानून को लेकर उत्तर प्रदेश में मामला चालू हो गया है। up में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़गानिस्तान के तीन पड़ोसी देशों से आने वाले हिंदुओं, सिखों, जैनियों, बौद्धों, पारसियों और ईसाइयों की पहचान करना शुरू हो गया है। इस मामले में up शरणार्थियों को शॉर्टलिस्ट करने की कवायद शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। इसके माध्यम से अवैध प्रवासियों से संबंधित डेटा को एकत्र करने भी सरकार को मदद मिलेगी।

इस मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेटों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए उन प्रवासियों को ट्रैक करने के लिए कहा गया है, जो सालों से यहां बसे हुए हैं और जिनके पास नागरिकता नहीं है।

अवनीश अवस्थी ने बताया , उत्तर प्रदेश में रहने वाले अफगानिस्तान के लोगों की संख्या काफी कम है, लेकिन अनुमान है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले लोगों की बड़ी तादाद है। ये सभी लोग अपने देशों में सताए हुए हैं जोकि यहां आकर बस गए हैं।” उन्होंने कहा कि यह नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करने की दिशा में पहला कदम है। सूची के संकलन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर सके कि “वास्तविक प्रवासी” की संख्या कितनी है। इसके बाद इन्हें नागरिकता दी जाएंगी। तीनों देशों के प्रवासियों की उपस्थिति मुख्य रूप से लखनऊ, हापुड़, रामपुर, शाहजहाँपुर, नोएडा और गाजियाबाद में पाई गई है।

Check Also

अनलॉक 2: क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद, यहाँ जाने खुलकर

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने अनलॉक-2 के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी है। जिसमे …