राफेल डील: राहुल का सीधा PM मोदी पर हमला कहा, ये सबूत बताते की मोदी है घोटाले के गुनहगार- देखे वीडियो

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नई दिल्ली: अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ के खुलासे के बाद विवादित राफेल डील पर एक बार फिर राजनितिक माहौल गर्म है। जिसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हो गए। उन्होंने ट्वीट कर प्रेस कॉन्फ्रेंस देखने की अपील की।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ये नए सबूत बताते हैं कि मोदी घोटाले के गुनहगार हैं। उन्होंने वायुसेना के 30 हजार करोड़ रुपए लूटकर अनिल अंबानी को दिए हैं।’’ जिस पर तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तत्कालीन रक्षा सचिव जी मोहन कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष के दावों को झूठला दिया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई की तरफ से जारी डिफेंस नोट के अनुसार, राफेल डील को लेकर 24 नवंबर 2015 को रक्षा मंत्रालय ने एक नोट लिखकर इस डील में पीएमओ के हस्तक्षेप करने पर नाराजगी जाहिर की थी। नोट में यह साफ़ तौर पर कहा गया है की पीएमओ के दखल के बाद से भारत और भारत के भाषणकर्ता दल की स्थिति दुर्बल हुई है। रक्षा मंत्रालय ने कहा की फ्रांस के साथ हुई बातचीत में पीएमओ के अफसरों ने जो कहा है वह हमारी बातचीत के बिल्कुल उलट है।

वही इस पत्र के सामने आने पर तत्कालीन रक्षा सचिव जी मोहन कुमार ने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर जिसमे कहा गया, ”रक्षा मंत्री कृपया इस मामले को देखें। हमारी पीएमओ को सलाह है कि उनके जो अधिकारी फ्रांस से वार्ता दल में शामिल नहीं हैं, उन्हें फ्रांस सरकार के अधिकारियों से समानांतर चर्चा नहीं करनी चाहिए। अगर पीएमओ मंत्रालय की बातचीत से सहमत नहीं है तो हम इसमें बदलाव कर सकते हैं। पीएमओ की समानांतर वार्ता से सौदे में मंत्रालय और भारतीय दल की स्थिति कमजोर होगी।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस देखने के लिए राहुल ने ट्वीट कर देश के सैनिको से अपील करते हुए लिखा, ”देश के वीर सैनिक, आप हमारे रक्षक हो। आप देश के लिए अपनी जान तक देने को हमेशा तैयार रहते हो। आप गर्व हो हमारे। मेरी प्रेस वार्ता जरूर देखें।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा राफेल घोटाले को लेकर लगातार नए सबूत सामने आ रहे है। सब कुछ अब साफ है कि प्रधानमंत्री राफेल डील में सीधे तौर शामिल थे। वे इस घोटाले के गुनहगार हैं। प्रधानमंत्री ने ही अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए दिए है।

वही राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देश के तत्कालीन रक्षा सचिव मोहन कुमार ने न्यूज एजेंसी से कहा, ”रक्षा मंत्रालय का नोट केवल राफेल डील की गारंटी और सामान्य नियम-शर्तों को लेकर था। जो कुछ भी अब मीडिया रिपोर्ट में आया है, उसका कीमत से कोई संबंध नहीं है।”

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