लॉकडाउन के बीच RBI ने घटाया रेपो रेट, EMI पर छूट देने की सिफारिश

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी से आने वाली आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने भी कमर कस ली है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को ऐलान करते हुए कहां की सभी बैंकों और लोन देने वाली संस्थाओं को ब्याज पर 3 महीने की छूट देने की सिफारिश की है।

इसका मतलब है कि अब 3 महीने तक लोन की ईएमआई देने से राहत मिलेगी। इस दौरान आरबीआई गवर्नर ने रेपो रेट में 75 आधार अंकों की कमी की, जबकि रिवर्स रेपो रेट भी 0.90 प्रतिशत कम किया।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया की, “क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों, NBFC (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित) और ऋण संस्थानों सहित सभी वाणिज्यिक बैंकों को 1 मार्च को बकाया सभी ऋणों के संबंध में किश्तों के भुगतान पर 3 महीने की मोहलत देने की अनुमति दी जा रही है।”

कोरोना वायरस महामारी से उपजे आर्थिक संकट से निपटने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा बनाए गए अपनी 4-सूत्रीय योजना के तहत यह फैसला लिया है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक ने लोन धारकों को 3 महीने की राहत देने का आखरी फैसला बैंकों पर छोड़ रखा है। अगर बैंक लोन लेने वाले व्यक्ति या संस्थान को 3 महीने की छूट देती है तो उसे अगले 3 महीनों के लिए ईएमआई नहीं देनी पड़ेगी।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “भारतीय बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित और मजबूत है. हाल के दिनों में शेयर बाज़ार में कोरोना वायरस से संबंधित अस्थिरता ने बैंकों के शेयर की कीमतों को प्रभावित किया, जिसका नतीजा ये हुआ कि लोगों ने घबराकर कुछ निजी क्षेत्र के बैंकों से जमा राशि निकाल ली।”

इस दौरान गवर्नर ने यह भी कहा कि कोरोनावायरस महामारी की वजह से इस बात की काफी संभावना बनती है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को मंदी की मार झेलनी पड़ेगी।

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